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Q: .
  • A. संप्रदान
  • B. अपादान
  • C. संबंध
  • D. अधिकरण
Correct Answer: Option D - ‘पर’ अधिकरण कारक का परसर्ग है। कारक से सम्बन्धित परसर्गों (कारक चिह्नों) का विवरण निम्नवत् है– कारक चिह्न (परसर्ग) कर्ता ने कर्म को करण से, के द्वारा सम्प्रदान को, के लिए अपादान से (अलग होने के अर्थ में) सम्बन्ध का, के, की, रा, रे, री अधिकरण में, पर सम्बोधन हे!, ओ!, अरे! नोट– हिन्दी में आठ एवं संस्कृत में छ: कारक होते हैं।
D. ‘पर’ अधिकरण कारक का परसर्ग है। कारक से सम्बन्धित परसर्गों (कारक चिह्नों) का विवरण निम्नवत् है– कारक चिह्न (परसर्ग) कर्ता ने कर्म को करण से, के द्वारा सम्प्रदान को, के लिए अपादान से (अलग होने के अर्थ में) सम्बन्ध का, के, की, रा, रे, री अधिकरण में, पर सम्बोधन हे!, ओ!, अरे! नोट– हिन्दी में आठ एवं संस्कृत में छ: कारक होते हैं।

Explanations:

‘पर’ अधिकरण कारक का परसर्ग है। कारक से सम्बन्धित परसर्गों (कारक चिह्नों) का विवरण निम्नवत् है– कारक चिह्न (परसर्ग) कर्ता ने कर्म को करण से, के द्वारा सम्प्रदान को, के लिए अपादान से (अलग होने के अर्थ में) सम्बन्ध का, के, की, रा, रे, री अधिकरण में, पर सम्बोधन हे!, ओ!, अरे! नोट– हिन्दी में आठ एवं संस्कृत में छ: कारक होते हैं।