हाल ही में किस राज्य सरकार ने छात्राओं के लिए 'निजुत मोइना' योजना शुरू की?
The speed of light will be minimum while passing through/प्रकाश की गति निम्न में से किस माध्यम में न्यूनतम होगी?
कौन सा शब्द नीचे दिए गए संबंध को सर्वोत्तम ढंग से पूर्ण करेगा? अनाज : ढेर :: कागज : ?
How many city/cities of purely hilly region in Uttarakhand has/have been designated as Municipal Corporation? उत्तराखंड के विशुद्ध पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित कितने `नगर निगम' बनाए गए हैं?
..........is a chord between two successive regular stations on a curve.
Select the most appropriate antonym of the given word. EMACIATED
प्रकार 2 डायबिटिज मेलिटस..............कहलाती है।
Which of the following is not a factor in soil formation? निम्नलिखित में से कौन मृदा निर्माण का कारक नहीं है?
निर्देश : अधोलिखितं श्लोकम् पठित्वा तदाधारितप्रश्नानां (प्रश्न संख्या 270-275) विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: समुचितम् उत्तरं चित्वा लिखत। विद्या ददाति विनयम् विद्या ददाति वित्तम। विद्या सदा जनानां विमलं करोति चित्तम् ।।1।। विद्या तनोति कीर्तिम् विद्या तनोति मानम्। विद्या नरं समाजे कुरुते सदा प्रधानम् ।।2।। विद्या निहन्ति दोषम् विद्या निहन्ति भारम्। दूरीकरोति विद्या सकलं मनोविकारम् ।।3।। विद्या न राजहार्या विद्या न चोरहार्या। विद्या कदापि लोके नहि बन्धुभि: विभाज्या।।4।। विद्या गुण: प्रधान: विद्याधनं प्रधानम्। देशे तथा विदेशे विद्याबलं प्रधानम् ।।5।। अदूरं दूरं करोति इति भावस्य कृते क: प्रयोग:?
निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं. 334 से 342) के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। लघु उद्योग उन उद्योगों को कहा जाता है जिनके समारम्भ एवं आयोजन के लिए भारी-भरकम साधनों की आवश्यकता नहीं पड़ती। वे थोडे-से स्थान पर, थोड़ी पूँजी और अल्प साधनों से ही आरम्भ किए जा सकते हैं। फिर भी उनसे सुनियोजित ढंग से अधिकाधिक लाभ प्राप्त करके देश की निर्धनता, गरीबी और विषमताओं से एक सीमा तक लड़ा जा सकता है। अपने आकार-प्रकार तथा साधनों की लघुता व अल्पता के कारण ही इस प्रकार के उद्योग-धंधों को कुटीर-उद्योग भी कहा जाता है। इस प्रकार के उद्योग-धंधे अपने घर में भी आरम्भ किए जा सकते हैं और अपने सीमित साधनों का सदुपयोग करके आर्थिक लाभ कमाया जा सकता है और सुखी-समृद्ध बना जा सकता है। भारत जैसे देश के लिए तो इस प्रकार के लघु उद्योगों का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यहाँ युवाओं की एक बहुत बड़ी संख्या बेरोजगार है। इसी कारण महात्मा गांधी ने मशीनीकरण का विरोध किया था। उनकी यह स्पष्ट धारणा थी कि लघु उद्योगों को प्रश्रय देने से लोग स्वावलम्बी बनेंगे, मजदूर-किसान फसलों की बुआई-कुटाई से फुर्सत पाकर अपने खाली समय का सदुपयोग भी करेंगे। इस प्रकार आर्थिक समृद्धि तो बढ़ेगी ही, साथ ही लोगों को अपने घर के पास रोजगार मिल सकेगा। उन उद्योगों को लघु उद्योग कहा जाता है:
Explanations:
Download our app to know more Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Excepturi, esse.
Unlocking possibilities: Login required for a world of personalized experiences.