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Q: .
  • A. महादेवी छायावादी कवयित्रि है।
  • B. जब भी आप आओ, मुझे मिलें।
  • C. आपका दर्शन पाकर मै धन्य हो गया।
  • D. रमा ने अपने भाई से पुस्तक पढ़ने को कहा।
Correct Answer: Option D - दिये गये विकल्पों में ‘रमा ने अपने भाई से पुस्तक पढ़ने को कहा।’ शुद्ध वाक्य है। अन्य विकल्पगत वाक्यों का शुद्ध रूप होगा- अशुद्ध वाक्य- महादेवी छायावादी कवयित्रि है। शुद्ध वाक्य- महादेवी छायावादी कवयित्री हैं। अशुद्ध वाक्य- जब भी आप आओ, मुझे मिलें। शुद्ध वाक्य- आप जब आयें, तो मुझसे मिलें। अशुद्ध वाक्य- आपका दर्शन पाकर मै धन्य हो गया। शुद्ध वाक्य- आपके दर्शन पाकर मैं धन्य हो गया।
D. दिये गये विकल्पों में ‘रमा ने अपने भाई से पुस्तक पढ़ने को कहा।’ शुद्ध वाक्य है। अन्य विकल्पगत वाक्यों का शुद्ध रूप होगा- अशुद्ध वाक्य- महादेवी छायावादी कवयित्रि है। शुद्ध वाक्य- महादेवी छायावादी कवयित्री हैं। अशुद्ध वाक्य- जब भी आप आओ, मुझे मिलें। शुद्ध वाक्य- आप जब आयें, तो मुझसे मिलें। अशुद्ध वाक्य- आपका दर्शन पाकर मै धन्य हो गया। शुद्ध वाक्य- आपके दर्शन पाकर मैं धन्य हो गया।

Explanations:

दिये गये विकल्पों में ‘रमा ने अपने भाई से पुस्तक पढ़ने को कहा।’ शुद्ध वाक्य है। अन्य विकल्पगत वाक्यों का शुद्ध रूप होगा- अशुद्ध वाक्य- महादेवी छायावादी कवयित्रि है। शुद्ध वाक्य- महादेवी छायावादी कवयित्री हैं। अशुद्ध वाक्य- जब भी आप आओ, मुझे मिलें। शुद्ध वाक्य- आप जब आयें, तो मुझसे मिलें। अशुद्ध वाक्य- आपका दर्शन पाकर मै धन्य हो गया। शुद्ध वाक्य- आपके दर्शन पाकर मैं धन्य हो गया।