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  • A. यह संघ सूची और समवर्ती सूची में शामिल मामलों पर कानून बनाता है। यह धन विधेयक या गैर धन विधेयक पेश और लागू कर सकता है।
  • B. यह कराधान, बजट और वार्षिक वित्तीय विवरणों के प्रस्तावों को मंजूरी देता है।
  • C. यह गैर धन विधेयकों पर विचार और अनुमोदन करता है तथा धन विधेयकों में संशोधन का सुझाव देता है।
  • D. यह आपातकाल की घोषणा को मंजूरी देता है।
Correct Answer: Option C - भारतीय संसद का उच्च सदन राज्यसभा को कहा जाता है। राज्यसभा को कुछ मामलों में लोकसभा के समान शक्तियाँ प्राप्त हैं,तो कुछ मामलों में विशेषत: वित्तीय क्षेत्र में लोकसभा से कम शक्तियाँ प्राप्त हैं। संविधान संशोधन विधेयक, आपातकालीन प्रावधान तथा महाभियोग प्रक्रिया में राज्यसभा को लोक सभा के बराबर शक्तियाँ प्राप्त हैं, जबकि धन विधेयकों पर विचार और अनुमोदन करने तथा धन विधेयकों में संशोधन हेतु सुझाव देने तक ही राज्यसभा सीमित है। वहीं राज्य सूची के विषय को राष्ट्रीय महत्व घोषित कर कानून बनाने हेतु संसद को अग्रेषित करने तथा अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन करने संबंधित प्रावधानों के लिए राज्य सभा, लोकसभा से अधिक शक्तिशाली है।
C. भारतीय संसद का उच्च सदन राज्यसभा को कहा जाता है। राज्यसभा को कुछ मामलों में लोकसभा के समान शक्तियाँ प्राप्त हैं,तो कुछ मामलों में विशेषत: वित्तीय क्षेत्र में लोकसभा से कम शक्तियाँ प्राप्त हैं। संविधान संशोधन विधेयक, आपातकालीन प्रावधान तथा महाभियोग प्रक्रिया में राज्यसभा को लोक सभा के बराबर शक्तियाँ प्राप्त हैं, जबकि धन विधेयकों पर विचार और अनुमोदन करने तथा धन विधेयकों में संशोधन हेतु सुझाव देने तक ही राज्यसभा सीमित है। वहीं राज्य सूची के विषय को राष्ट्रीय महत्व घोषित कर कानून बनाने हेतु संसद को अग्रेषित करने तथा अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन करने संबंधित प्रावधानों के लिए राज्य सभा, लोकसभा से अधिक शक्तिशाली है।

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भारतीय संसद का उच्च सदन राज्यसभा को कहा जाता है। राज्यसभा को कुछ मामलों में लोकसभा के समान शक्तियाँ प्राप्त हैं,तो कुछ मामलों में विशेषत: वित्तीय क्षेत्र में लोकसभा से कम शक्तियाँ प्राप्त हैं। संविधान संशोधन विधेयक, आपातकालीन प्रावधान तथा महाभियोग प्रक्रिया में राज्यसभा को लोक सभा के बराबर शक्तियाँ प्राप्त हैं, जबकि धन विधेयकों पर विचार और अनुमोदन करने तथा धन विधेयकों में संशोधन हेतु सुझाव देने तक ही राज्यसभा सीमित है। वहीं राज्य सूची के विषय को राष्ट्रीय महत्व घोषित कर कानून बनाने हेतु संसद को अग्रेषित करने तथा अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन करने संबंधित प्रावधानों के लिए राज्य सभा, लोकसभा से अधिक शक्तिशाली है।