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Q: .
  • A. प्लुत स्वर
  • B. गुरु स्वर
  • C. मूल स्वर
  • D. लघु स्वर
Correct Answer: Option B - जिन स्वरों के उच्चारण में ‘ह्रस्व स्वरों’ से अधिक समय लगता है, वे ‘दीर्घ स्वर’ या गुरु स्वर कहलाते हैं। मात्रा की दृष्टि से दीर्घ स्वर द्विमात्रिक स्वर कहलाते हैं, अर्थात दो मात्रा वाले स्वर। दो मात्रा होने के कारण ही इनके उच्चारण में ‘ह्रस्व स्वर’ से दुगुना समय लगता है।
B. जिन स्वरों के उच्चारण में ‘ह्रस्व स्वरों’ से अधिक समय लगता है, वे ‘दीर्घ स्वर’ या गुरु स्वर कहलाते हैं। मात्रा की दृष्टि से दीर्घ स्वर द्विमात्रिक स्वर कहलाते हैं, अर्थात दो मात्रा वाले स्वर। दो मात्रा होने के कारण ही इनके उच्चारण में ‘ह्रस्व स्वर’ से दुगुना समय लगता है।

Explanations:

जिन स्वरों के उच्चारण में ‘ह्रस्व स्वरों’ से अधिक समय लगता है, वे ‘दीर्घ स्वर’ या गुरु स्वर कहलाते हैं। मात्रा की दृष्टि से दीर्घ स्वर द्विमात्रिक स्वर कहलाते हैं, अर्थात दो मात्रा वाले स्वर। दो मात्रा होने के कारण ही इनके उच्चारण में ‘ह्रस्व स्वर’ से दुगुना समय लगता है।