Correct Answer:
Option C - अंग्रेजों के आगमन से पूर्व भारत में जो परम्परागत भूमि व्यवस्था कायम थी उसमें भूमि पर किसानों का अधिकार था तथा फसल का एक भाग सरकार को दे दिया जाता था। वर्ष 1765 में इलाहाबाद की संधि के द्वारा ईस्ट इंडिया कम्पनी ने बंगाल, बिहार एवं उड़ीसा की दीवानी प्राप्त कर ली। यद्यपि 1771 ई. तक ईस्ट इंडिया कम्पनी ने भारत में प्रचलित पुरानी भू–राजस्व प्रणाली को जारी रखा परन्तु कम्पनी ने भू–राजस्व की दरों में वृद्धि कर दी। मुख्य रूप से अंग्रेजों ने भारत में तीन प्रकार की भू–राजस्व पद्धतियाँ लागू की (1) जमींदारी पद्धति (1793 ई०) (2) रैय्यतवाड़ी पद्धति (1792ई०) एवं (3) महालवाड़ी पद्धति (1822 ई०) जबकि दस्तक कोई भू–राजस्व प्रणाली नहीं है।
C. अंग्रेजों के आगमन से पूर्व भारत में जो परम्परागत भूमि व्यवस्था कायम थी उसमें भूमि पर किसानों का अधिकार था तथा फसल का एक भाग सरकार को दे दिया जाता था। वर्ष 1765 में इलाहाबाद की संधि के द्वारा ईस्ट इंडिया कम्पनी ने बंगाल, बिहार एवं उड़ीसा की दीवानी प्राप्त कर ली। यद्यपि 1771 ई. तक ईस्ट इंडिया कम्पनी ने भारत में प्रचलित पुरानी भू–राजस्व प्रणाली को जारी रखा परन्तु कम्पनी ने भू–राजस्व की दरों में वृद्धि कर दी। मुख्य रूप से अंग्रेजों ने भारत में तीन प्रकार की भू–राजस्व पद्धतियाँ लागू की (1) जमींदारी पद्धति (1793 ई०) (2) रैय्यतवाड़ी पद्धति (1792ई०) एवं (3) महालवाड़ी पद्धति (1822 ई०) जबकि दस्तक कोई भू–राजस्व प्रणाली नहीं है।