Correct Answer:
Option A - हिन्दी में ‘मैं’ का बहुवचन ‘हम’ है। वचन– संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया के जिस रूप से संख्या का बोध हो, उसे ‘वचन’ कहते हैं। दूसरे शब्दों में– ‘शब्दों के संख्याबोधक विकारी रूप का नाम ‘वचन’ है।’ ‘वचन’ का शाब्दिक अर्थ है – ‘संख्यावाचन’। अंग्रेजी की तरह हिन्दी में भी वचन के दो प्रकार हैं – (1) एकवचन (2) बहुवचन। अन्य विकल्प हम दोनों, हम सब, हम लोग में पुनरूक्ति दोष है क्योंकि हम शब्द बहुवचन को दर्शाता है उसके साथ दोनों, सब, लोग शब्द का प्रयोग व्याकरणिक दृष्टि से अनुपयुक्त है।
A. हिन्दी में ‘मैं’ का बहुवचन ‘हम’ है। वचन– संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया के जिस रूप से संख्या का बोध हो, उसे ‘वचन’ कहते हैं। दूसरे शब्दों में– ‘शब्दों के संख्याबोधक विकारी रूप का नाम ‘वचन’ है।’ ‘वचन’ का शाब्दिक अर्थ है – ‘संख्यावाचन’। अंग्रेजी की तरह हिन्दी में भी वचन के दो प्रकार हैं – (1) एकवचन (2) बहुवचन। अन्य विकल्प हम दोनों, हम सब, हम लोग में पुनरूक्ति दोष है क्योंकि हम शब्द बहुवचन को दर्शाता है उसके साथ दोनों, सब, लोग शब्द का प्रयोग व्याकरणिक दृष्टि से अनुपयुक्त है।