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Q: .
  • A. गोस्चरति
  • B. गौचरति
  • C. गौश्चरति
  • D. गौहचरति
Correct Answer: Option C - ‘गौ: +चरति’ की सन्धि ‘गौश्चरति’ है। क्योंकि यदि विसर्ग के बाद ‘च-छ’ हो तो विसर्ग का ‘श्’, ‘ट-ठ’ हो तो ‘ष्’ और ‘त-थ’ हो तो ‘स्’ हो जाता है। इसके अन्य उदाहरण इस प्रकार हैं- नि: + चय = निश्चय धनु: + टंकार = धनुष्टंकार नि: + तार = निस्तार नि: + छल = निश्छल
C. ‘गौ: +चरति’ की सन्धि ‘गौश्चरति’ है। क्योंकि यदि विसर्ग के बाद ‘च-छ’ हो तो विसर्ग का ‘श्’, ‘ट-ठ’ हो तो ‘ष्’ और ‘त-थ’ हो तो ‘स्’ हो जाता है। इसके अन्य उदाहरण इस प्रकार हैं- नि: + चय = निश्चय धनु: + टंकार = धनुष्टंकार नि: + तार = निस्तार नि: + छल = निश्छल

Explanations:

‘गौ: +चरति’ की सन्धि ‘गौश्चरति’ है। क्योंकि यदि विसर्ग के बाद ‘च-छ’ हो तो विसर्ग का ‘श्’, ‘ट-ठ’ हो तो ‘ष्’ और ‘त-थ’ हो तो ‘स्’ हो जाता है। इसके अन्य उदाहरण इस प्रकार हैं- नि: + चय = निश्चय धनु: + टंकार = धनुष्टंकार नि: + तार = निस्तार नि: + छल = निश्छल