Correct Answer:
Option C - गाँधीवादी दर्शन में महात्मा गाँधी ने अहिंसा, ब्रह्मचर्य, सत्याग्रह के बारे में विस्तृत व्याख्या की है जबकि व्यवसाय के बारे में गाँधीवादी दर्शन का कहीं उल्लेख नहीं है। गाँधी जी आत्मनिर्भर ग्राम समाज की संकल्पना पर जोर देते थे तथा व्यवसाय के जरिये मुनाफाखोरी की निंदा करते थे।
C. गाँधीवादी दर्शन में महात्मा गाँधी ने अहिंसा, ब्रह्मचर्य, सत्याग्रह के बारे में विस्तृत व्याख्या की है जबकि व्यवसाय के बारे में गाँधीवादी दर्शन का कहीं उल्लेख नहीं है। गाँधी जी आत्मनिर्भर ग्राम समाज की संकल्पना पर जोर देते थे तथा व्यवसाय के जरिये मुनाफाखोरी की निंदा करते थे।