Correct Answer:
Option B - सामुदायिक विकास कार्यक्रम, 1952 तथा राष्ट्रीय प्रसार सेवा कार्यक्रम, 1953 की असफलता की जांच करने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1957 में बलवंत राय मेहता की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया, जिसने अपनी रिपोर्ट 1957 में सरकार को सौंप दी। इसमें समिति ने लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण की सिफारिश की, जिसे पंचायती राज कहा गया। इसकी सिफारिशों के अनुसार पंचायती राज के तीन स्तर निम्नलिखित हैं-
(1) ग्राम पंचायत (ग्राम स्तर पर)
(2) पंचायत समिति (ब्लॉक स्तर पर)
(3) जिला परिषद (जिला स्तर पर)
• 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा पंचायती राज संस्था को संवैधानिक मान्यता दे दी गयी।
B. सामुदायिक विकास कार्यक्रम, 1952 तथा राष्ट्रीय प्रसार सेवा कार्यक्रम, 1953 की असफलता की जांच करने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1957 में बलवंत राय मेहता की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया, जिसने अपनी रिपोर्ट 1957 में सरकार को सौंप दी। इसमें समिति ने लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण की सिफारिश की, जिसे पंचायती राज कहा गया। इसकी सिफारिशों के अनुसार पंचायती राज के तीन स्तर निम्नलिखित हैं-
(1) ग्राम पंचायत (ग्राम स्तर पर)
(2) पंचायत समिति (ब्लॉक स्तर पर)
(3) जिला परिषद (जिला स्तर पर)
• 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा पंचायती राज संस्था को संवैधानिक मान्यता दे दी गयी।