Correct Answer:
Option C - ‘लखनऊ की कब्र’ उपन्यास के लेखक पंडित किशोरी लाल गोस्वामी हैं। किशोरीलाल गोस्वामी को हिन्दी का प्रथम ‘ऐतिहासिक उपन्यासकार’ माना जाता है। किशोरीलाल गोस्वामी कृत ‘स्वर्गीय कुसुम व कुसुम कुमारी’ वेश्या जीवन पर आधारित हिन्दी का प्रथम उपन्यास है।
किशोरीलाल गोस्वामी - हृदयहारिणी वा आदर्श रमणी (1890), तारा (1902), राजकुमारी (1902), इत्यादि।
गोपालराम गहमरी - अद्भुत लाश, बेकसूर की फाँसी, सरकटी लाश, खूनी कौन, बेगुनाह का खून, जासूस की भूल, अद्भुत खून।
लाल श्रीनिवासदास - परीक्षा गुरु (1882) (आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने लाला श्रीनिवासदास कृत परीक्षा गुरु को अंग्रेजी ढंग का हिन्दी का पहला मौलिक उपन्यास माना है)।
शिवनंदन सहाय - सुदामा (1907)
C. ‘लखनऊ की कब्र’ उपन्यास के लेखक पंडित किशोरी लाल गोस्वामी हैं। किशोरीलाल गोस्वामी को हिन्दी का प्रथम ‘ऐतिहासिक उपन्यासकार’ माना जाता है। किशोरीलाल गोस्वामी कृत ‘स्वर्गीय कुसुम व कुसुम कुमारी’ वेश्या जीवन पर आधारित हिन्दी का प्रथम उपन्यास है।
किशोरीलाल गोस्वामी - हृदयहारिणी वा आदर्श रमणी (1890), तारा (1902), राजकुमारी (1902), इत्यादि।
गोपालराम गहमरी - अद्भुत लाश, बेकसूर की फाँसी, सरकटी लाश, खूनी कौन, बेगुनाह का खून, जासूस की भूल, अद्भुत खून।
लाल श्रीनिवासदास - परीक्षा गुरु (1882) (आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने लाला श्रीनिवासदास कृत परीक्षा गुरु को अंग्रेजी ढंग का हिन्दी का पहला मौलिक उपन्यास माना है)।
शिवनंदन सहाय - सुदामा (1907)