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Q: .
  • A. कर्म
  • B. अहिंसा
  • C. वैराग्य
  • D. निष्ठा
Correct Answer: Option B - अहिंसा जैन धर्म के पाँच प्रमुख सिद्धांतों में सबसे मौलिक है। भगवान महावीर ने भी अहिंसा को प्रमुख स्थान दिया। ‘‘अहिंसा परमों धर्म’’। जैन धर्म के पाँच सिद्धान्त - ⦁ अहिंसा : जीव को चोट न पहुँचाना ⦁ सत्य : झूठ न बोलना ⦁ अस्तेय : चोरी न करना ⦁ अपरिग्रह : संपत्ति का संचय न करना और ⦁ ब्रह्मचर्य : किसी स्त्री से संसर्ग की मनाही।
B. अहिंसा जैन धर्म के पाँच प्रमुख सिद्धांतों में सबसे मौलिक है। भगवान महावीर ने भी अहिंसा को प्रमुख स्थान दिया। ‘‘अहिंसा परमों धर्म’’। जैन धर्म के पाँच सिद्धान्त - ⦁ अहिंसा : जीव को चोट न पहुँचाना ⦁ सत्य : झूठ न बोलना ⦁ अस्तेय : चोरी न करना ⦁ अपरिग्रह : संपत्ति का संचय न करना और ⦁ ब्रह्मचर्य : किसी स्त्री से संसर्ग की मनाही।

Explanations:

अहिंसा जैन धर्म के पाँच प्रमुख सिद्धांतों में सबसे मौलिक है। भगवान महावीर ने भी अहिंसा को प्रमुख स्थान दिया। ‘‘अहिंसा परमों धर्म’’। जैन धर्म के पाँच सिद्धान्त - ⦁ अहिंसा : जीव को चोट न पहुँचाना ⦁ सत्य : झूठ न बोलना ⦁ अस्तेय : चोरी न करना ⦁ अपरिग्रह : संपत्ति का संचय न करना और ⦁ ब्रह्मचर्य : किसी स्त्री से संसर्ग की मनाही।