Correct Answer:
Option A - विशेषण की तीन अवस्थाएँ होती हैं।
1. मूलवस्था 2. उत्तरावस्था 3. उत्तमावस्था
1. मूलावस्था - इसमें विशेषण का सामान्य प्रयोग होता है, यहां किसी के साथ तुलना नहीं की जाती है।
जैसे - श्याम एक वीर बालक है।
2. उत्तरावस्था - इसमें दो वस्तुओं या व्याक्तियों की तुलना करके एक की न्यूनता या अधिकता बताई जाती है।
जैसे- अजिता, बबिता से अधिक सुंदर है।
3. उत्तमावस्था - इसमें दो से अधिक वस्तुओं या व्याक्यिों की तुलना की जाती है, इनमें से एक की दूसरी या सब वस्तुओं या व्याक्तियों से न्यूनता या अधिकता बताई जाती है
जैसे- रामू सबसे तेज दौड़ता है।
A. विशेषण की तीन अवस्थाएँ होती हैं।
1. मूलवस्था 2. उत्तरावस्था 3. उत्तमावस्था
1. मूलावस्था - इसमें विशेषण का सामान्य प्रयोग होता है, यहां किसी के साथ तुलना नहीं की जाती है।
जैसे - श्याम एक वीर बालक है।
2. उत्तरावस्था - इसमें दो वस्तुओं या व्याक्तियों की तुलना करके एक की न्यूनता या अधिकता बताई जाती है।
जैसे- अजिता, बबिता से अधिक सुंदर है।
3. उत्तमावस्था - इसमें दो से अधिक वस्तुओं या व्याक्यिों की तुलना की जाती है, इनमें से एक की दूसरी या सब वस्तुओं या व्याक्तियों से न्यूनता या अधिकता बताई जाती है
जैसे- रामू सबसे तेज दौड़ता है।