रामायण में लक्ष्मण की पत्नी थी–
रणबीर ने कार के क्रय मूल्य पर 50% छूट में एक कार खरीदी। यदि छूट 60% होती, तो उसे ` 1,00,000 कम का भुगतान करना पड़ता। कार का क्रय मूल्य ज्ञात कीजिए।
A self-cleansing velocity may be defined as that velocity at which the solid particles will: स्वशोधन वेग वह वेग है जिस पर ठोस कण ______
138⁰ के सम्पूरक का कोटिपूरक है-
Pipe A can fill 50% of the tank in 6 hours and pipe B can completely fill the same tank in 18 hours. If both the pipes are opened at the same time, then in how much time (in minutes) will the empty tank be completely filled ?
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मई 2024 में -ओएनडीसी स्टार्टअप महोत्सव’ का आयोजन किस राज्य में किया गया ?
With reference to the Consumer Disputes Redressal at the district level in India, which one of the following statements is not correct? भारत में जिला स्तर पर उपभोक्ता विवाद निवारण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
प्रदत्तप्रश्नानां (प्रश्न संख्या(233-242) विकल्पोत्तरेषु समुचितम् उत्तरं चित्वा लिखत। अस्ति वाराणस्यां कर्पूरपटको नाम रजक:। स च एकदा अभिनववयस्कया वध्वा सह चिरं केलिं कृत्वा निर्भरमालिङ्ग्य प्रसुप्त:। तदनन्तरं तद्गृहद्रव्याणि हर्तुं चोर: प्रविष्ट:। तस्य प्राङ्गणे गर्दभो बद्धस्तिष्ठति कुक्कुरश्च उपविष्ट: अस्ति। अथ गर्दभ: श्वानमाह- सखे, भवतस्तावदयं व्यापार:। तत् किमिति। त्वम् उच्चै: शब्दं कृत्वा स्वामिनं न जागरयसि? कुक्कुरो ब्रूते-भद्र मम नियोगस्य चर्चा त्वया न कर्तव्या। त्वमेव किम् न जानासि यथा तस्य अहर्निशं गृहरक्षां करोमि। यतोऽयं चिरान्निवृत्तो ममोपयोगं न जानाति। तेनाधुनापि मम आहारदाने मन्दादर:। यतो विना विधुरदर्शनं स्वामिन उपजीविषु मन्दादरा भवन्ति। गर्दभो ब्रूते शृणु रे बर्बर। याचते कार्यकाले य: स किम् भृत्य: स किम् सुह्रत्? कुक्कुरो ब्रूते – शृणु तावत्। भृत्यान्संभाषयेद्यस्तु कार्यकाले स किम् प्रभु: यत:- आश्रितानां भृतौ स्वामिसेवायां धर्मसेवने। पुत्रस्योत्पादने चैव न सन्ति प्रतिहस्तका:।। ततो गर्दभ: सकोपमाह – अरे दुष्टमते! पापीयांस्त्वं यद्विपत्तौ स्वामिकार्योपेक्षां करोषि। भवतु तावत्। यथा स्वामी जागरिष्यति तन्मया कर्तव्यम्। यत: पृष्ठत: सेवयेदर्कम् जठरेण हुताशनम्। स्वामिनं सर्वभावेन परलोकममायया।। इत्युक्त्वा उच्चै: चीत्कारशब्दं कृतवान्। तत: रजक: तेन चीत्कारेण प्रबुद्धो निद्राभङ्गकोपात् उत्थाय गर्दभं लगुडेन ताडयामास। अतोऽहं ब्रवीमि- पराधिकारचर्चां य: कुर्यात् स्वामिहितेच्छया। स विषीदति चीत्कारात् गर्दभ: ताडितो यथा।। गर्दभेन केनोपायेन रजक: कोपित:
What should you do if you encounter in surveying team member who experiences heat exhaustion symptoms while working in the field?
Explanations:
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