Correct Answer:
Option B - अर्द्ध विवृत स्वर ऐ है। मुखद्वार के खुलने के आधार पर स्वर चार प्रकार के होते हैं, जो इस प्रकार हैं–
विवृत– जिन स्वरों के उच्चारण में मुख द्वार पूरा खुलता है; जैसे– आ
अर्धविवृत– जिन स्वरों के उच्चारण में मुखद्वार आधा खुलता है; जैसे– अ, ऐ, ऑ, औ।
अर्ध संवृत– जिन स्वरों के उच्चारण में मुख द्वार आधा बन्द रहता है; जैसे- ए, ओ।
संवृत– जिन स्वरों के उच्चारण में मुख द्वार लगभग बन्द रहता है; जैसे- इ, ई, उ, ऊ।
B. अर्द्ध विवृत स्वर ऐ है। मुखद्वार के खुलने के आधार पर स्वर चार प्रकार के होते हैं, जो इस प्रकार हैं–
विवृत– जिन स्वरों के उच्चारण में मुख द्वार पूरा खुलता है; जैसे– आ
अर्धविवृत– जिन स्वरों के उच्चारण में मुखद्वार आधा खुलता है; जैसे– अ, ऐ, ऑ, औ।
अर्ध संवृत– जिन स्वरों के उच्चारण में मुख द्वार आधा बन्द रहता है; जैसे- ए, ओ।
संवृत– जिन स्वरों के उच्चारण में मुख द्वार लगभग बन्द रहता है; जैसे- इ, ई, उ, ऊ।