Correct Answer:
Option B - ‘‘उसे बार-बार यह लग रहा था कि उसकी देशभक्ति सच्ची देशभक्ति नहीं वरन् मजाक है।- राही’’
यह कथन सुभद्राकुमारी चौहान की कहानी ‘राही’ में अनीता का कथन है। राही कहानी सुभद्रा कुमारी चौहान ने अपने कारागार के अनुभवों के ऊपर लिखी है। राही की विवशता के कारण की गई चोरी की जानकारी से दुखी होकर अनीता द्वारा तत्कालीन कांग्रेसी आंदोलनकारियों की सत्तालोलुपता और ढोंग पर चिंतन तथा विवश-गरीबों की सेवा को वास्तविक देशभक्ति समझने वाले स्वप्न से बनी कहानी।- जेल का परिवेश।
इस कहानी के पात्र:-
राही (मांगरोरी जाति की एक गरीब असहाय स्त्री)
अनीता (स्वतन्त्रता आन्दोलन में भाग लेने वाली जेल में बंद स्त्री)
⇒ ‘‘उसके अन्दर प्रकाश है, बाहर आशा। विपत्ति अपना सारा दल-बल लेकर आए- ईदगाह’’ - अमीना का कथन
⇒ ईदगाह प्रेमचन्द की कहानी सर्वप्रथम 1933 ई. में चाँद प़ित्रका में प्रकाशित हुई थी। यह बाल मनोविज्ञान पर लिखी गई हिन्दी की सर्वश्रेष्ठ कहानी है। इसमें प्रेमचंद हामिद नामक बच्चे के माध्यम से दिखाते हैं कि गरीबी और अभावों में किस प्रकार बचपन की मासूतियत खत्म हो जाती है और बच्चे को समय से पहले परिपक्व हो जाना पड़ता है।
ईदगाह कहानी के पात्र:-
हामिद, अमीना, मोहसिन, महमूद, नूरे, सम्मी।
B. ‘‘उसे बार-बार यह लग रहा था कि उसकी देशभक्ति सच्ची देशभक्ति नहीं वरन् मजाक है।- राही’’
यह कथन सुभद्राकुमारी चौहान की कहानी ‘राही’ में अनीता का कथन है। राही कहानी सुभद्रा कुमारी चौहान ने अपने कारागार के अनुभवों के ऊपर लिखी है। राही की विवशता के कारण की गई चोरी की जानकारी से दुखी होकर अनीता द्वारा तत्कालीन कांग्रेसी आंदोलनकारियों की सत्तालोलुपता और ढोंग पर चिंतन तथा विवश-गरीबों की सेवा को वास्तविक देशभक्ति समझने वाले स्वप्न से बनी कहानी।- जेल का परिवेश।
इस कहानी के पात्र:-
राही (मांगरोरी जाति की एक गरीब असहाय स्त्री)
अनीता (स्वतन्त्रता आन्दोलन में भाग लेने वाली जेल में बंद स्त्री)
⇒ ‘‘उसके अन्दर प्रकाश है, बाहर आशा। विपत्ति अपना सारा दल-बल लेकर आए- ईदगाह’’ - अमीना का कथन
⇒ ईदगाह प्रेमचन्द की कहानी सर्वप्रथम 1933 ई. में चाँद प़ित्रका में प्रकाशित हुई थी। यह बाल मनोविज्ञान पर लिखी गई हिन्दी की सर्वश्रेष्ठ कहानी है। इसमें प्रेमचंद हामिद नामक बच्चे के माध्यम से दिखाते हैं कि गरीबी और अभावों में किस प्रकार बचपन की मासूतियत खत्म हो जाती है और बच्चे को समय से पहले परिपक्व हो जाना पड़ता है।
ईदगाह कहानी के पात्र:-
हामिद, अमीना, मोहसिन, महमूद, नूरे, सम्मी।