Correct Answer:
Option C - पं. गोविन्द बल्लभ पंत विरचित नाटक ‘वरमाला’ मार्कण्डेय पुराण की कथा पर आधारित है। यह एक भावनाटक है।
पं. गोविन्द बल्लभ पंत प्रसादोत्तर युग के समस्या प्रधान नाटक लिखने वाले नाटककार है। इनके नाटक इस प्रकार है-
राजमुकुट (1935), अंत:पुर का छिद्र (1940), ययाति (1951), तुलसीदास (1974), आत्मदीप (1978)।
C. पं. गोविन्द बल्लभ पंत विरचित नाटक ‘वरमाला’ मार्कण्डेय पुराण की कथा पर आधारित है। यह एक भावनाटक है।
पं. गोविन्द बल्लभ पंत प्रसादोत्तर युग के समस्या प्रधान नाटक लिखने वाले नाटककार है। इनके नाटक इस प्रकार है-
राजमुकुट (1935), अंत:पुर का छिद्र (1940), ययाति (1951), तुलसीदास (1974), आत्मदीप (1978)।