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Q: .
  • A. अपादान कारक
  • B. सम्बन्ध कारक
  • C. अधिकरण कारक
  • D. कर्म कारक
Correct Answer: Option C - अधिकरण कारक – क्रिया आधार को सूचित करने वाली संज्ञा या सर्वनाम के स्वरूप को ‘अधिकरण कारक’ कहते हैं। इसकी विभक्ति में, पे, पर है। अधिकरण का शाब्दिक अर्थ आधार है। उदाहरण– सिंह वन में रहता है। पुस्तक मेज पर है। सौम्या घर में है।
C. अधिकरण कारक – क्रिया आधार को सूचित करने वाली संज्ञा या सर्वनाम के स्वरूप को ‘अधिकरण कारक’ कहते हैं। इसकी विभक्ति में, पे, पर है। अधिकरण का शाब्दिक अर्थ आधार है। उदाहरण– सिंह वन में रहता है। पुस्तक मेज पर है। सौम्या घर में है।

Explanations:

अधिकरण कारक – क्रिया आधार को सूचित करने वाली संज्ञा या सर्वनाम के स्वरूप को ‘अधिकरण कारक’ कहते हैं। इसकी विभक्ति में, पे, पर है। अधिकरण का शाब्दिक अर्थ आधार है। उदाहरण– सिंह वन में रहता है। पुस्तक मेज पर है। सौम्या घर में है।