Correct Answer:
Option C - दिये गये विकल्प के दोनों ही कथन सत्य हैं।
1. अकारान्त तथा आकारान्त पुल्लिंग शब्दों को ईकारान्त कर देने से वे स्त्रीलिंग हो जाते हैं–
जैसे– नर-नारी, लड़का-लड़की
हिरन-हिरनी, मोटा-मोटी
पुत्र-पुत्री नाना-नानी
2. जातिबोधक शब्दों के अंतिम स्वर को लोप कर उनमें कहीं, इन और कहीं ‘आइन’ प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग बनाया जाता है, जैसे–
माली- मालिन, बाघ-बाघिन
लाला– ललाइन, हलवाई-हलवाइन
C. दिये गये विकल्प के दोनों ही कथन सत्य हैं।
1. अकारान्त तथा आकारान्त पुल्लिंग शब्दों को ईकारान्त कर देने से वे स्त्रीलिंग हो जाते हैं–
जैसे– नर-नारी, लड़का-लड़की
हिरन-हिरनी, मोटा-मोटी
पुत्र-पुत्री नाना-नानी
2. जातिबोधक शब्दों के अंतिम स्वर को लोप कर उनमें कहीं, इन और कहीं ‘आइन’ प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग बनाया जाता है, जैसे–
माली- मालिन, बाघ-बाघिन
लाला– ललाइन, हलवाई-हलवाइन