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Q: .
  • A. विशेषण
  • B. क्रिया-विशेषण
  • C. संबंध बोधक
  • D. समुच्चयबोधक
Correct Answer: Option C - ‘भरोसे’ शब्द सम्बन्ध बोधक अव्यय के रूप में प्रयुक्त होता है। संबंधबोधक का शाब्दिक अर्थ है- सम्बन्ध का ज्ञान कराने वाला। जो अव्यय शब्द संज्ञा या सर्वनाम के साथ आकर उनका संबंध वाक्य के अन्य शब्दों से बताता है, उसे संबंधबोधक अव्यय कहते हैं; जैसे- ऊपर, नीचे, पीछे, आगे, बाहर, भीतर, बिना, भरोसे, सहित, निकट, पास आदि।
C. ‘भरोसे’ शब्द सम्बन्ध बोधक अव्यय के रूप में प्रयुक्त होता है। संबंधबोधक का शाब्दिक अर्थ है- सम्बन्ध का ज्ञान कराने वाला। जो अव्यय शब्द संज्ञा या सर्वनाम के साथ आकर उनका संबंध वाक्य के अन्य शब्दों से बताता है, उसे संबंधबोधक अव्यय कहते हैं; जैसे- ऊपर, नीचे, पीछे, आगे, बाहर, भीतर, बिना, भरोसे, सहित, निकट, पास आदि।

Explanations:

‘भरोसे’ शब्द सम्बन्ध बोधक अव्यय के रूप में प्रयुक्त होता है। संबंधबोधक का शाब्दिक अर्थ है- सम्बन्ध का ज्ञान कराने वाला। जो अव्यय शब्द संज्ञा या सर्वनाम के साथ आकर उनका संबंध वाक्य के अन्य शब्दों से बताता है, उसे संबंधबोधक अव्यय कहते हैं; जैसे- ऊपर, नीचे, पीछे, आगे, बाहर, भीतर, बिना, भरोसे, सहित, निकट, पास आदि।