Correct Answer:
Option B - कुछ भावों के विषय तो अमूत्र्त तक होने लगे, जैसे कीर्ति की लालसा। ऐसे भावों को ही बौद्ध दर्शन में अरूपराग कहते हैं। यह अभिमत आचार्य रामचन्द्र शुक्ल कृत ‘कविता क्या है?’ निबंध में लिखा गया है।
कविता क्या हैं निबंध आचार्य रामचन्द्र शुक्ल द्वारा संपादित निबंध संग्रह चिन्तामणि (भाग-1) में संकलित है। चिन्तामणि (भाग-1) में संकलित अन्य निबंध- भाव या मनोविकार उत्साह, श्रद्धा और भक्ति, करुणा, लज्जा और ग्लानि, लोभ और प्रीति, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, तुलसी का भक्ति मार्ग, मानस की धर्मभूमि, काव्य में लोक मंगल की साधनावस्था, साधरणीकरण और व्यक्ति वैचितत्र्यवाद, रसात्मक बोध के विविध रूप आदि।
आचार्य शुक्ल ने चिन्तामणि (भाग एक) में लिखा है, ‘‘इस पुस्तक में मेरी अन्तर्यात्रा में पड़ने वाले कुछ प्रदेश है। यात्रा के लिए निकलती रही है बुद्धि पर हृदय को भी साथ लेकर’’।
शुक्ल जी का चिन्तामणि (भाग-I) प्रथमत: विचार वीथी नाम से सन् 1930ई. में प्रकाशित हुआ था।
‘कविता क्या है?’ निबन्ध सर्वप्रथम सरस्वती पत्रिका में सन् 1909ई. में प्रकाशित हुआ।
संस्कृति और सौन्दर्य (1982ई.) नामवर सिंह का, मजदूरी और प्रेम’ सरदार पूर्ण सिंह का तथा उठ जाग मुसाफिर (2012ई.) विवेकी राय का निबंध है।
B. कुछ भावों के विषय तो अमूत्र्त तक होने लगे, जैसे कीर्ति की लालसा। ऐसे भावों को ही बौद्ध दर्शन में अरूपराग कहते हैं। यह अभिमत आचार्य रामचन्द्र शुक्ल कृत ‘कविता क्या है?’ निबंध में लिखा गया है।
कविता क्या हैं निबंध आचार्य रामचन्द्र शुक्ल द्वारा संपादित निबंध संग्रह चिन्तामणि (भाग-1) में संकलित है। चिन्तामणि (भाग-1) में संकलित अन्य निबंध- भाव या मनोविकार उत्साह, श्रद्धा और भक्ति, करुणा, लज्जा और ग्लानि, लोभ और प्रीति, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, तुलसी का भक्ति मार्ग, मानस की धर्मभूमि, काव्य में लोक मंगल की साधनावस्था, साधरणीकरण और व्यक्ति वैचितत्र्यवाद, रसात्मक बोध के विविध रूप आदि।
आचार्य शुक्ल ने चिन्तामणि (भाग एक) में लिखा है, ‘‘इस पुस्तक में मेरी अन्तर्यात्रा में पड़ने वाले कुछ प्रदेश है। यात्रा के लिए निकलती रही है बुद्धि पर हृदय को भी साथ लेकर’’।
शुक्ल जी का चिन्तामणि (भाग-I) प्रथमत: विचार वीथी नाम से सन् 1930ई. में प्रकाशित हुआ था।
‘कविता क्या है?’ निबन्ध सर्वप्रथम सरस्वती पत्रिका में सन् 1909ई. में प्रकाशित हुआ।
संस्कृति और सौन्दर्य (1982ई.) नामवर सिंह का, मजदूरी और प्रेम’ सरदार पूर्ण सिंह का तथा उठ जाग मुसाफिर (2012ई.) विवेकी राय का निबंध है।