Correct Answer:
Option C - भारतीय संविधान सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से कुछ बुनियादी अधिकार देता है। मौलिक अधिकारों की संख्या 6 है, जो न्यायालय में वाद योग्य हैं। इनकी व्याख्या संविधान के भाग-3 (भारत का मैग्नाकार्टा) अनु. 12से 35 तक की गयी है।
अनुच्छेद 15- धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध।
अनुच्छेद 19(e) के अनुसार देश के किसी क्षेत्र में निवास करने या बसने की स्वतंत्रता
अनुच्छेद 30- कोई भी अल्पसंख्यक अपनी मनपसंद की शैक्षिक संस्था चला सकता है। सरकार उसे अनुदान देने में किसी तरह का भेदभाव नहीं करेगी।
ध्यातव्य है कि संपत्ति के अधिकार को 44वें संविधान संशोधन, 1978 द्वारा हटा दिया गया था। वर्तमान में यह एक विधिक अधिकार है। अत: विकल्प (c) गलत है।
C. भारतीय संविधान सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से कुछ बुनियादी अधिकार देता है। मौलिक अधिकारों की संख्या 6 है, जो न्यायालय में वाद योग्य हैं। इनकी व्याख्या संविधान के भाग-3 (भारत का मैग्नाकार्टा) अनु. 12से 35 तक की गयी है।
अनुच्छेद 15- धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध।
अनुच्छेद 19(e) के अनुसार देश के किसी क्षेत्र में निवास करने या बसने की स्वतंत्रता
अनुच्छेद 30- कोई भी अल्पसंख्यक अपनी मनपसंद की शैक्षिक संस्था चला सकता है। सरकार उसे अनुदान देने में किसी तरह का भेदभाव नहीं करेगी।
ध्यातव्य है कि संपत्ति के अधिकार को 44वें संविधान संशोधन, 1978 द्वारा हटा दिया गया था। वर्तमान में यह एक विधिक अधिकार है। अत: विकल्प (c) गलत है।