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Which of the number from 25560, 35751, 48168 and 49608 is not divisible by 24 ?
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों (89-93) के सटीक उत्तर दीजिए: भारत में अनेक विदेशी जातियाँ आयीं लेकिन भारतीय संस्कृति ने अपने विकास की प्रक्रिया में इन सभी को आत्मसात कर लिया। भारतीय संस्कृति ने अन्य संस्कृतियों के अच्छे गुणों को आत्मसात करके उन्हें अपने रंग रूप में ढाल लिया। विदेशी संस्कृतियों के अच्छे गुण आज भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। भारत ने उत्तम विचार, आचार-व्यवहार और सद्गुणों को ग्रहण करके भारतीय संस्कृति कालजयी बन चुकी है। अनेकता में एकता भारतीय संस्कृति की विशिष्टता रही है। भारत में संसार के लगभग सभी धर्म मिल जाते हैं। भारतीय संस्कृति ने अपने विकास की प्रक्रिया में आत्मसात कर लिया:
A partially saturated soil is said to be a ______.
Pawl Kut is the greatest of all the festivals celebrated in the state of ............
_______ is used to identify key strategic locations./ _______ का उपयोग प्रमुख रणनीतिक स्थानों की पहचान के लिए किया जाता है।
It the statement "No birds are animals" is given as false, which of the following statements can be inferred to be true? A. Some animals are not birds. B. Some birds are not animals. C. Some animals are birds. D. Some birds are animals. Choose the most appropriate answer from the options given below:
`ग' वर्ण का उच्चारण स्थान है –
निर्देश–प्रश्न 84-89 पर्यन्तं प्रश्ना: प्रस्तुतगद्यांशमाधारीकृत्य समाधेया:– अस्ति मगधदेशे चम्पकवती नामारण्यानी। तस्यां चिरान्महता स्नेहेन मृगकाकौ निवसत:। स च मृग: स्वेच्छया भ्राम्यन्हृष्टपुष्टाङ्ग: केनचिच्छृगालेनावलोेकित:। तं दृष्ट्वा शृगालोऽचिन्तयत् – ``आ:, कथमेतन्मांसं सुललितं भक्षयामि? भवतु, विश्वासं तावदुत्पादयामि।'' इत्यालोच्योपसृत्याब्रवीत्– ``मित्र! कुशलं ते?'' मृगेणोक्तम् – ``कस्त्वम्?'' स ब्रूते– ``क्षुद्रबुद्धिनामा जम्बूकोऽहम् अत्रारण्ये बन्धुहीनो मृतवन्निवसामि। इदानीं त्वां मित्रमासाद्य पुन: सबन्धुर्जीवलोकं प्रविष्टोऽस्मि। अधुना तवानुचरेण मया सर्वथा भवितव्यम्।'' मृगेणोक्तम् – ``एवमस्तु।'' तत: पश्चादस्तं गते सवितरि भगवति मरीचिमालिनि तौ मृगस्य वासभूमिं गतौ। तत्र चम्पकवृक्षशाखायां सुबुद्धिनामा काको मृगस्य चिरमित्रं निवसति। तौ दृष्ट्वा काकोऽवदत्–``सखे चित्राङ्ग! कोऽयं द्वितीय:?'' मृगो ब्रूते – ``जम्बूकोऽयम्, अस्मत्सख्यमिच्छन्नागत:।'' काको ब्रूते– मित्र! अकस्मादागन्तुना सह मैत्री न युक्ता:। `हृष्टपुष्टाङ्ग:' आसीत्
निम्नलिखित में से कौन-सा सुमेलित नहीं है? (राष्ट्रीय उद्यान) (अवस्थिति)
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