Correct Answer:
Option B - ‘भाववाच्य’ का उदाहरण है- ‘मुझसे गाया नहीं जाता।’ ‘जब वाक्य में कर्ता या कर्म से इतर भाव की प्रधानता हो तो उसे भाववाच्य कहते हैं। इसमें अकर्मक क्रिया का प्रयोग होता है। कर्म की प्रधानता होने पर कर्मवाच्य होता है। यह कर्म के बिना नहीं बनाया जा सकता। अत: इसमें हमेशा सकर्मक क्रिया ही प्रयुक्त होती है। कर्तृवाच्य में कर्ता प्रधान होता है।
B. ‘भाववाच्य’ का उदाहरण है- ‘मुझसे गाया नहीं जाता।’ ‘जब वाक्य में कर्ता या कर्म से इतर भाव की प्रधानता हो तो उसे भाववाच्य कहते हैं। इसमें अकर्मक क्रिया का प्रयोग होता है। कर्म की प्रधानता होने पर कर्मवाच्य होता है। यह कर्म के बिना नहीं बनाया जा सकता। अत: इसमें हमेशा सकर्मक क्रिया ही प्रयुक्त होती है। कर्तृवाच्य में कर्ता प्रधान होता है।