Correct Answer:
Option C - मौर्य सम्राट बिन्दुसार, चन्द्रगुप्त मौर्य का पुत्र था। ये आजीवक सम्प्रदाय के अनुयायी थे। आजीवक सम्प्रदाय के प्रवर्तक मक्खलि गोसाल थे। इसके मत को नियतिवाद (भाग्यवाद) कहा जाता हैं जिसके अनुसार संसार की प्रत्येक वस्तु भाग्य द्वारा पूर्व नियंत्रित एवं संचालित होती है। पुरुषार्थ (मानवीय प्रयास) का कोई महत्त्व नहीं होता है।
C. मौर्य सम्राट बिन्दुसार, चन्द्रगुप्त मौर्य का पुत्र था। ये आजीवक सम्प्रदाय के अनुयायी थे। आजीवक सम्प्रदाय के प्रवर्तक मक्खलि गोसाल थे। इसके मत को नियतिवाद (भाग्यवाद) कहा जाता हैं जिसके अनुसार संसार की प्रत्येक वस्तु भाग्य द्वारा पूर्व नियंत्रित एवं संचालित होती है। पुरुषार्थ (मानवीय प्रयास) का कोई महत्त्व नहीं होता है।