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Q: .
  • A. पूर्ण से अंश की ओर
  • B. आगमन से निगमन की ओर
  • C. अनुभव से तर्क की ओर
  • D. अनिश्चित से निश्चित की ओर
Correct Answer: Option B - जहाँ सामान्य कथन के आधार पर विशेष निर्णय निकाला जाय वहाँ निगमन पद्धति होती है। जैसे- सभी मनुष्य मरणशील हैं, राम एक मनुष्य है अत: राम मरणशील है। और जहाँ विशेष उदाहरणों के आधार पर सामान्य कथन किया जाय वहाँ आगमन पद्धति होती है। जैसे- राम मरणशील हैं, श्याम मरणशील है, सोहन मरणशील हैं, अत: सभी मनुष्य मरणशील हैं। यहाँ पर राम, श्याम और सोहन को उदाहरण बनाकर सभी मनुष्यों के मरणशील होने का नियम निगमित किया जा रहा है। अत: उदाहरण देकर नियम प्रस्तुत करने की पद्धति आगमन से निगमन की ओर चलती है।
B. जहाँ सामान्य कथन के आधार पर विशेष निर्णय निकाला जाय वहाँ निगमन पद्धति होती है। जैसे- सभी मनुष्य मरणशील हैं, राम एक मनुष्य है अत: राम मरणशील है। और जहाँ विशेष उदाहरणों के आधार पर सामान्य कथन किया जाय वहाँ आगमन पद्धति होती है। जैसे- राम मरणशील हैं, श्याम मरणशील है, सोहन मरणशील हैं, अत: सभी मनुष्य मरणशील हैं। यहाँ पर राम, श्याम और सोहन को उदाहरण बनाकर सभी मनुष्यों के मरणशील होने का नियम निगमित किया जा रहा है। अत: उदाहरण देकर नियम प्रस्तुत करने की पद्धति आगमन से निगमन की ओर चलती है।

Explanations:

जहाँ सामान्य कथन के आधार पर विशेष निर्णय निकाला जाय वहाँ निगमन पद्धति होती है। जैसे- सभी मनुष्य मरणशील हैं, राम एक मनुष्य है अत: राम मरणशील है। और जहाँ विशेष उदाहरणों के आधार पर सामान्य कथन किया जाय वहाँ आगमन पद्धति होती है। जैसे- राम मरणशील हैं, श्याम मरणशील है, सोहन मरणशील हैं, अत: सभी मनुष्य मरणशील हैं। यहाँ पर राम, श्याम और सोहन को उदाहरण बनाकर सभी मनुष्यों के मरणशील होने का नियम निगमित किया जा रहा है। अत: उदाहरण देकर नियम प्रस्तुत करने की पद्धति आगमन से निगमन की ओर चलती है।