यदि वाहन पर लगे आल्टरनेटर की बैटरी की पोलरिटी विपरीत कर दी जाती है, तो प्रभाव पड़ेगा :
End-bearing splices shall be used only for bars in ________.
महामृत्युंजय मंदिर स्थित है–
The speed with which the turbo alternators operate are- टर्बो अल्टरनेटर किस गति के साथ संचालित होता है–
The social learning perspective of which psychologist proposes that the moral behavior depends on the types of rewards and punishments to which adolescent is exposed? किस मनोवैज्ञानिक के सामाजिक सीखने के परिप्रेक्ष्य ने प्रस्तावित किया कि नैतिक व्यवहार किस प्रकार के पुरस्कार और दंड पर निर्भर करता है जो किशोरों के संपर्क में है?
भारत का राष्ट्रीय प्रतीक भारत सरकार द्वारा कब अपनाया गया था ?
A ray of light is incident at an angle of 30° on a mirror, the angle between normal and reflected ray is प्रकाश की एक किरण दर्पण पर 30° के कोण परआपतित होती है। अभिलंब और परावर्तित किरण के बीच का कोण होता है।
आईपीएल 2024 में दिल्ली कैपिटल्स ने हैरी ब्रूक के स्थान पर किस खिलाड़ी को टीम में शामिल किया है?
निर्देश–नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (1 से 9 तक) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए– मानव के मर्मस्थल में परोपकार और त्याग जैसे सद्गुणों की जागृति तभी हो पाती है, जब वह अपने तुच्छ भौतिक जीवन को नगण्य समझकर उत्साह-उमंग के साथ दूसरों की सेवा-सुश्रूषा तथा सत्कार करता है। यह कठोर सत्य है कि हम भौतिक रूप में इस संसार में सीमित अवधि तक ही रहेंगे। हमारी मृत्यु के बाद हमारे निकट सम्बन्धी, मित्र, बन्धु-बांधव जीवनभर हमारे लिए शोकाकुल और प्रेमाकुल भी नहीं रहेंगे। दुख मिश्रित इस निर्बल भावना पर विजय पाने के लिए तब हमारे अन्तर्मन में एक विचार उठता है कि क्यों न हम अपने सत्कर्मों और सद्गुणों का प्रकाश फैलाकर सदा-सदा के लिए अमर हो जाएँ। सेवक-प्रवृत्ति अपनाकर हम ऐसा अवश्य कर सकते हैं। अपने नि:स्वार्थ व्यक्तित्व और परहित कर्मों के बल पर हम हमेशा के लिए मानव जीवन हेतु उत्प्रेरणा बन सकते हैं। अनुपम मनुष्य जीवन को सद्गति प्रदान करने के लिए यह विचार नया नहीं है। ऐसे विचार सज्जन मनुष्यों के अन्तर्मन में सदा उठते रहे हैं तथा इन्हें अपनाकर वे दुनिया में अमर भी हो गए। इस धरा पर स्थायी रूप में नहीं रहने पर भी ऐसे परहितकारी कालांतर तक पूजे जाते रहेंगे। अमूल्य मनुष्य जीवन की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा यही है। यही सीखकर मनुष्य का जीवन आनंदमय और समृद्धिशाली हो सकता है। यदि इस प्रकार मानव जीवन उन्नत होता है तो यह संपूर्ण संसार स्वर्गिक विस्तार ग्रहण कर लेगा। किसी भी मानव को अध्यात्मिकता का जो अंतिम ज्ञान मिलेगा, वह भी यही शिक्षा देगा कि धर्म-कर्म का उद्देश्य सत्कर्मों और सद्गुणों की ज्योति फैलाना ही है। धर्म के आचरण का उद्देश्य है–
Which of the following poets was nicknamed as 'Nirala'? निम्न में से किस कवि का उपनाम ‘निराला’ था?
Explanations:
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