Correct Answer:
Option B - जिस क्रिया में कर्म का होना जरूरी होता है, वह क्रिया सकर्मक क्रिया कहलाती है। इन क्रियाओं का असर कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है। जैसे- विकास पानी पीता है। इसमें पीता है (क्रिया) का फल कर्ता पर न पड़ के कर्म (पानी) पर पड़ रहा है। अत: यह सकर्मक क्रिया है।
B. जिस क्रिया में कर्म का होना जरूरी होता है, वह क्रिया सकर्मक क्रिया कहलाती है। इन क्रियाओं का असर कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है। जैसे- विकास पानी पीता है। इसमें पीता है (क्रिया) का फल कर्ता पर न पड़ के कर्म (पानी) पर पड़ रहा है। अत: यह सकर्मक क्रिया है।