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Q: .
  • A. एक
  • B. दो
  • C. तीन
  • D. चार
Correct Answer: Option C - रूप के आधार पर क्रियाविशेषण के 3 भेद हैं। ‘क्रियाविशेषण’ ऐसे अविकारी शब्द हैं, जो क्रिया, विशेषण या दूसरे क्रियाविशेषण की विशेषता प्रकट करते हैं। (1) मूल क्रियाविशेषण – ऐसे क्रियाविशेषण हैं, जो किसी दूसरे शब्दों के मेल से नहीं बनते हैं; जैसे– ठीक, दूर, अचानक, फिर, नहीं आदि। (2) यौगिक क्रिया विशेषण- जिनका निर्माण किसी दूसरे शब्द में प्रत्यय या पद जोड़ने से होता है; जैसे- देखते हुए, वहाँ पर, यहाँ तक आदि। (3) स्थानीय क्रियाविशेषण- स्थानीय क्रियाविशेषण ऐसे क्रियाविशेषण को कहते हैं, जो बिना रूपान्तर के किसी विशेष स्थान में आते हैं।
C. रूप के आधार पर क्रियाविशेषण के 3 भेद हैं। ‘क्रियाविशेषण’ ऐसे अविकारी शब्द हैं, जो क्रिया, विशेषण या दूसरे क्रियाविशेषण की विशेषता प्रकट करते हैं। (1) मूल क्रियाविशेषण – ऐसे क्रियाविशेषण हैं, जो किसी दूसरे शब्दों के मेल से नहीं बनते हैं; जैसे– ठीक, दूर, अचानक, फिर, नहीं आदि। (2) यौगिक क्रिया विशेषण- जिनका निर्माण किसी दूसरे शब्द में प्रत्यय या पद जोड़ने से होता है; जैसे- देखते हुए, वहाँ पर, यहाँ तक आदि। (3) स्थानीय क्रियाविशेषण- स्थानीय क्रियाविशेषण ऐसे क्रियाविशेषण को कहते हैं, जो बिना रूपान्तर के किसी विशेष स्थान में आते हैं।

Explanations:

रूप के आधार पर क्रियाविशेषण के 3 भेद हैं। ‘क्रियाविशेषण’ ऐसे अविकारी शब्द हैं, जो क्रिया, विशेषण या दूसरे क्रियाविशेषण की विशेषता प्रकट करते हैं। (1) मूल क्रियाविशेषण – ऐसे क्रियाविशेषण हैं, जो किसी दूसरे शब्दों के मेल से नहीं बनते हैं; जैसे– ठीक, दूर, अचानक, फिर, नहीं आदि। (2) यौगिक क्रिया विशेषण- जिनका निर्माण किसी दूसरे शब्द में प्रत्यय या पद जोड़ने से होता है; जैसे- देखते हुए, वहाँ पर, यहाँ तक आदि। (3) स्थानीय क्रियाविशेषण- स्थानीय क्रियाविशेषण ऐसे क्रियाविशेषण को कहते हैं, जो बिना रूपान्तर के किसी विशेष स्थान में आते हैं।