Correct Answer:
Option C - सामाजीकरण की प्रकृति अंत: क्रियात्मक प्रक्रिया है। यह एक सतत और जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से व्यक्ति समाज के मूल्यों, मानकों, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विशेषताओं को सीखता और आत्मसात करता है। यह प्रक्रिया व्यक्ति को समाज का एक जिम्मेदार सदस्य बनने में सहायता करती है और सामाजिक रूप से क्रियाशील बनाती है।
C. सामाजीकरण की प्रकृति अंत: क्रियात्मक प्रक्रिया है। यह एक सतत और जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से व्यक्ति समाज के मूल्यों, मानकों, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विशेषताओं को सीखता और आत्मसात करता है। यह प्रक्रिया व्यक्ति को समाज का एक जिम्मेदार सदस्य बनने में सहायता करती है और सामाजिक रूप से क्रियाशील बनाती है।