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Q: .
  • A. केंद्र एवं रियासतों के मध्य शक्तियों का विभाजन
  • B. इनमें से कोई नहीं
  • C. केंद्र एवं रियासतों के साथ-साथ द्वैध शासित रियासतों के मध्य शक्ति का विभाजन
  • D. रियासतों में द्विशासन
Correct Answer: Option C - भारत शासन अधिनियम, 1919 को माण्टफोर्ड सुधार या मॉण्टेंग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार के नाम से जाना जाता है। इस अधिनियम के तहत पहली बार केन्द्र में द्विसदनीय व्यवस्था स्थापित की गयी तथा सभी विषयों को केन्द्र तथा प्रांतों में बांटा गया और प्रांतो में द्वैध शासन प्रणाली लागू की गई। इस अधिनियम में पहली बार प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली अपनाई गई। द्वैध शासन का सिद्धांत लियोेनेल कार्टिस नामक अंग्रेज ने अपनी पुस्तक ‘डायर्की’ में प्रतिपादित किया था।
C. भारत शासन अधिनियम, 1919 को माण्टफोर्ड सुधार या मॉण्टेंग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार के नाम से जाना जाता है। इस अधिनियम के तहत पहली बार केन्द्र में द्विसदनीय व्यवस्था स्थापित की गयी तथा सभी विषयों को केन्द्र तथा प्रांतों में बांटा गया और प्रांतो में द्वैध शासन प्रणाली लागू की गई। इस अधिनियम में पहली बार प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली अपनाई गई। द्वैध शासन का सिद्धांत लियोेनेल कार्टिस नामक अंग्रेज ने अपनी पुस्तक ‘डायर्की’ में प्रतिपादित किया था।

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भारत शासन अधिनियम, 1919 को माण्टफोर्ड सुधार या मॉण्टेंग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार के नाम से जाना जाता है। इस अधिनियम के तहत पहली बार केन्द्र में द्विसदनीय व्यवस्था स्थापित की गयी तथा सभी विषयों को केन्द्र तथा प्रांतों में बांटा गया और प्रांतो में द्वैध शासन प्रणाली लागू की गई। इस अधिनियम में पहली बार प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली अपनाई गई। द्वैध शासन का सिद्धांत लियोेनेल कार्टिस नामक अंग्रेज ने अपनी पुस्तक ‘डायर्की’ में प्रतिपादित किया था।