Correct Answer:
Option A - ‘बालदेव’ ने बावनदास की गाँधी जी वाली चिट्टियों वाला बस्ता इसलिए जला दिया ताकि बावनदास मिनिस्टर न बन जाएँ। उपर्युक्त कथन ‘मैला आँचल’ उपन्यास से लिया गया है। ‘मैला आँचल’ उपन्यास के लेखक फणीश्वरनाथ रेणु हैं।
फणीश्वरनाथ रेणु के उपन्यास → परती परिकथा (1957 ई.), दीर्घतपा (1963 ई.), जुलूस (1965 ई.), कितने चौराहे (1966 ई.), राम रतन राय (1971 ई.)।
मैला आँचल उपन्यास के प्रमुख पात्र → डॉक्टर प्रशांत, कमला, बावनदास, लक्ष्मी, तहसीलदार विश्वनाथ।
A. ‘बालदेव’ ने बावनदास की गाँधी जी वाली चिट्टियों वाला बस्ता इसलिए जला दिया ताकि बावनदास मिनिस्टर न बन जाएँ। उपर्युक्त कथन ‘मैला आँचल’ उपन्यास से लिया गया है। ‘मैला आँचल’ उपन्यास के लेखक फणीश्वरनाथ रेणु हैं।
फणीश्वरनाथ रेणु के उपन्यास → परती परिकथा (1957 ई.), दीर्घतपा (1963 ई.), जुलूस (1965 ई.), कितने चौराहे (1966 ई.), राम रतन राय (1971 ई.)।
मैला आँचल उपन्यास के प्रमुख पात्र → डॉक्टर प्रशांत, कमला, बावनदास, लक्ष्मी, तहसीलदार विश्वनाथ।