Correct Answer:
Option D - प्रथम अंग्ल-सिख युद्ध लॉर्ड हार्डिंग के समय में 1845-46 ई. की अवधि के दौरान लड़ा गया था। इस युद्ध के दौरान कुल पाँच लड़ाईयाँ लड़ी गयी एवं केवल पाँचवी लड़ाई सोबराओं की लड़ाई (10 फरवरी 1846) ही निर्णायक सिद्ध हुई। अंग्रेजी सेना ने 20 फरवरी 1846 को लाहौर पर अधिकार कर लिया। इस युद्ध के परिणाम स्वरूप सिक्खों को अंग्रेजों के साथ लाहौर की सन्धि करनी पड़ी। लाहौर की सन्धि 8 मार्च 1846 को सम्पन्न हुई। सिक्खों की हार के प्रमुख कारण लाल सिंह एवं तेजासिंह के द्वारा किया गया विश्वासघात था।
D. प्रथम अंग्ल-सिख युद्ध लॉर्ड हार्डिंग के समय में 1845-46 ई. की अवधि के दौरान लड़ा गया था। इस युद्ध के दौरान कुल पाँच लड़ाईयाँ लड़ी गयी एवं केवल पाँचवी लड़ाई सोबराओं की लड़ाई (10 फरवरी 1846) ही निर्णायक सिद्ध हुई। अंग्रेजी सेना ने 20 फरवरी 1846 को लाहौर पर अधिकार कर लिया। इस युद्ध के परिणाम स्वरूप सिक्खों को अंग्रेजों के साथ लाहौर की सन्धि करनी पड़ी। लाहौर की सन्धि 8 मार्च 1846 को सम्पन्न हुई। सिक्खों की हार के प्रमुख कारण लाल सिंह एवं तेजासिंह के द्वारा किया गया विश्वासघात था।