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Q: .
  • A. 1878
  • B. 1942
  • C. 1895
  • D. 1905
Correct Answer: Option A - वर्ष 1878 ई. में वायसराय लॉर्ड लिटन के कार्यकाल में ब्रिटिश सरकार द्वारा शस्त्र अधिनियम (आम्र्स एक्ट) पारित किया गया था, जिसने भारतीयों को बिना लाइसेंस के शस्त्र/हथियार रखना व उसका व्यापार करना एक दण्डनीय अपराध बना दिया, क्योंकि अंग्रेज नहीं चाहते थे कि 1857 ई. के विद्रोह की तरह फिर से कोई विद्रोह हो। जबकि यूरोपीय और यूरेशियाई लोगों को इससे छूट थी।
A. वर्ष 1878 ई. में वायसराय लॉर्ड लिटन के कार्यकाल में ब्रिटिश सरकार द्वारा शस्त्र अधिनियम (आम्र्स एक्ट) पारित किया गया था, जिसने भारतीयों को बिना लाइसेंस के शस्त्र/हथियार रखना व उसका व्यापार करना एक दण्डनीय अपराध बना दिया, क्योंकि अंग्रेज नहीं चाहते थे कि 1857 ई. के विद्रोह की तरह फिर से कोई विद्रोह हो। जबकि यूरोपीय और यूरेशियाई लोगों को इससे छूट थी।

Explanations:

वर्ष 1878 ई. में वायसराय लॉर्ड लिटन के कार्यकाल में ब्रिटिश सरकार द्वारा शस्त्र अधिनियम (आम्र्स एक्ट) पारित किया गया था, जिसने भारतीयों को बिना लाइसेंस के शस्त्र/हथियार रखना व उसका व्यापार करना एक दण्डनीय अपराध बना दिया, क्योंकि अंग्रेज नहीं चाहते थे कि 1857 ई. के विद्रोह की तरह फिर से कोई विद्रोह हो। जबकि यूरोपीय और यूरेशियाई लोगों को इससे छूट थी।