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Q: .
  • A. जतिन दास
  • B. अनन्त गुप्ता
  • C. पुलिन दास
  • D. बिनय बोस
Correct Answer: Option A - जतिनदास अपराधियों के रूप में नहीं बल्कि राजनैतिक कैदियों के रूप में इलाज की मांग करते हुये 64 दिन के उपवास के बाद मृत्यु हुई। (13 सितम्बर 1929 ई॰) जतिन दास HSRA के क्रान्तिकारी थे, उन पर भी लाहौर षड़यन्त्र केस का मुकदमा संयुक्त रूप से चल रहा था।
A. जतिनदास अपराधियों के रूप में नहीं बल्कि राजनैतिक कैदियों के रूप में इलाज की मांग करते हुये 64 दिन के उपवास के बाद मृत्यु हुई। (13 सितम्बर 1929 ई॰) जतिन दास HSRA के क्रान्तिकारी थे, उन पर भी लाहौर षड़यन्त्र केस का मुकदमा संयुक्त रूप से चल रहा था।

Explanations:

जतिनदास अपराधियों के रूप में नहीं बल्कि राजनैतिक कैदियों के रूप में इलाज की मांग करते हुये 64 दिन के उपवास के बाद मृत्यु हुई। (13 सितम्बर 1929 ई॰) जतिन दास HSRA के क्रान्तिकारी थे, उन पर भी लाहौर षड़यन्त्र केस का मुकदमा संयुक्त रूप से चल रहा था।