Explanations:
शारदा अधिनियम के तहत लड़कियों की शादी की उम्र 14 साल और लड़कों की उम्र 18 साल तय की गयी। इसे बाद में लड़कियों के लिए 18 और लड़कों के लिए 21 वर्ष कर दिया गया। 1929 ई़ में अजमेर निवासी एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद् डा़ हरविलास शारदा के प्रयत्नों से बाल विवाह निषेध कानून प्रभाव में आया। इन्हीं के नाम पर इसे ‘शारदा अधिनियम कहा गया।