Explanations:
प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीम राव अम्बेडकर ने अपने संविधान सभा के अंतिम भाषण में राजनीतिक प्रजातंत्र का तात्पर्य समझाते हुए कहा था कि ‘‘राजनीतिक प्रजातंत्र का तात्पर्य उस जीवन विधा से है, जो जीवन में सैद्धांतिक रूप से उदारता, समानता और भ्रातृत्व को स्वीकार करती है। कानून और व्यवस्था राजनीतिक शरीर की दवा है और जब राजनीतिक शरीर बीमार पड़े तो दवा जरूर दी जानी चाहिए यह कथन डॉ० भीम राव अम्बेडकर का है।