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Q: .
  • A. ऋणात्मक बजट वित्तीयन
  • B. धनात्मक बजट वित्तीयन
  • C. बजट आधिशेष वित्तीयन
  • D. बजट घाटा वित्तीयन
Correct Answer: Option A - जब मांग और आपूर्ति में असंतुलन पैदा होता है तो वस्तुओं और सेवाओं की कीमते बढ़ जाती है, कीमतों में इस वृद्धि को मुद्रास्फीति कहते है। ऋणात्मक बजट वित्तीयन मुद्रास्फीति के लिये जिम्मेदार है। भारत अपनी मुद्रास्फीति की गणना दो मूल्य सूचियों के आधार पर करता है– थोक मूल्य सूचकांक (WPI) एवं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)।
A. जब मांग और आपूर्ति में असंतुलन पैदा होता है तो वस्तुओं और सेवाओं की कीमते बढ़ जाती है, कीमतों में इस वृद्धि को मुद्रास्फीति कहते है। ऋणात्मक बजट वित्तीयन मुद्रास्फीति के लिये जिम्मेदार है। भारत अपनी मुद्रास्फीति की गणना दो मूल्य सूचियों के आधार पर करता है– थोक मूल्य सूचकांक (WPI) एवं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)।

Explanations:

जब मांग और आपूर्ति में असंतुलन पैदा होता है तो वस्तुओं और सेवाओं की कीमते बढ़ जाती है, कीमतों में इस वृद्धि को मुद्रास्फीति कहते है। ऋणात्मक बजट वित्तीयन मुद्रास्फीति के लिये जिम्मेदार है। भारत अपनी मुद्रास्फीति की गणना दो मूल्य सूचियों के आधार पर करता है– थोक मूल्य सूचकांक (WPI) एवं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)।