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  • A. प्रयोगशाला में प्रयोग कने से छात्रों में सोचने-विचारने निरीक्षण कने तथा निर्णय करने क्षमता विकसित होती है।
  • B. प्रयोगशाला में आत्मविश्वास, आत्मानुशासन की भावनाओं का जन्म होता है।
  • C. प्रयोगशाला के अभाव में छात्रों को विज्ञान का सच्चा ज्ञान प्राप्त होता है।
  • D. प्रयोगशाला में सामूहिक रूप से कार्य करने से छात्रों में सामाजिक गुणों का विकास होता है।
Correct Answer: Option C - विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशाला वह स्थान है जहाँ उपयुक्त अभिव्यक्ति एवं नियम निर्धारित प्रयोगों के समुच्चय को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न करके मूल प्रयोगिक कौशलों को सीखा जाता है। प्रयोगशाला विधि में, छात्र छोटे समूहों में अपने हाथों से प्रयोगशाला अभ्यास करते है। यह विधि छात्रों को प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से तथ्यों से परिचित होने की अनुमति देती है। प्रयोगशाला में प्रयोग करने से छात्रों में निम्न विकास होता है – • प्रयोगशाला में प्रयोग करने से छात्रों में सोचने-विचारने निरीक्षण करने तथा निर्णय करने की क्षमता विकीसत होती है। • प्रयोगशाला में आत्मविश्वास आत्मानुशासन की भावनाओं का जन्म होता है। • प्रयोगशाला में सामूहिक रूप से कार्य करने में छात्रों में सामाजिक गुणों का विकास होता है अत: विकल्प (c) प्रयोगशाला में प्रयोग करने वाले छात्रों के विकास में उपयुक्त नही है।
C. विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशाला वह स्थान है जहाँ उपयुक्त अभिव्यक्ति एवं नियम निर्धारित प्रयोगों के समुच्चय को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न करके मूल प्रयोगिक कौशलों को सीखा जाता है। प्रयोगशाला विधि में, छात्र छोटे समूहों में अपने हाथों से प्रयोगशाला अभ्यास करते है। यह विधि छात्रों को प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से तथ्यों से परिचित होने की अनुमति देती है। प्रयोगशाला में प्रयोग करने से छात्रों में निम्न विकास होता है – • प्रयोगशाला में प्रयोग करने से छात्रों में सोचने-विचारने निरीक्षण करने तथा निर्णय करने की क्षमता विकीसत होती है। • प्रयोगशाला में आत्मविश्वास आत्मानुशासन की भावनाओं का जन्म होता है। • प्रयोगशाला में सामूहिक रूप से कार्य करने में छात्रों में सामाजिक गुणों का विकास होता है अत: विकल्प (c) प्रयोगशाला में प्रयोग करने वाले छात्रों के विकास में उपयुक्त नही है।

Explanations:

विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशाला वह स्थान है जहाँ उपयुक्त अभिव्यक्ति एवं नियम निर्धारित प्रयोगों के समुच्चय को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न करके मूल प्रयोगिक कौशलों को सीखा जाता है। प्रयोगशाला विधि में, छात्र छोटे समूहों में अपने हाथों से प्रयोगशाला अभ्यास करते है। यह विधि छात्रों को प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से तथ्यों से परिचित होने की अनुमति देती है। प्रयोगशाला में प्रयोग करने से छात्रों में निम्न विकास होता है – • प्रयोगशाला में प्रयोग करने से छात्रों में सोचने-विचारने निरीक्षण करने तथा निर्णय करने की क्षमता विकीसत होती है। • प्रयोगशाला में आत्मविश्वास आत्मानुशासन की भावनाओं का जन्म होता है। • प्रयोगशाला में सामूहिक रूप से कार्य करने में छात्रों में सामाजिक गुणों का विकास होता है अत: विकल्प (c) प्रयोगशाला में प्रयोग करने वाले छात्रों के विकास में उपयुक्त नही है।