search
Q: .
  • A. अनुकरणात्मक क्रिया
  • B. नामधातु क्रिया
  • C. प्रेरणार्थक क्रिया
  • D. संयुक्त क्रिया
Correct Answer: Option C - ‘मैंने रमेश से पत्र लिखवाया।’ इस वाक्य में ‘लिखवाया’ प्रेरणार्थक क्रिया है। जिन क्रियाओं से इस बात का बोध हो कि कर्ता स्वयं कार्य न कर किसी दूसरे को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है, वे ‘प्रेरणार्थक क्रियाएँ’ कहलाती हैं। इसके अन्य उदाहरण - उठवाना, चलवाना, खिलवाना आदि हैं। जो क्रियाएँ संज्ञा या विशेषण से बनती हैं, नामधातु क्रियाएँ कहलाती हैं। जैसे- हाथ – हथियाना, बात – बतियाना, लात – लतियाना, गरम – गरमाना, शरम – शरमाना आदि। इसी तरह जो क्रिया दो या अधिक धातुओं के मेल से बनती है, उसे संयुक्त क्रिया कहते हैं। जैसे- बेच लेना, काम करना, बुला लेना, मार देना, लेट जाना, गिर पड़ना आदि। ध्यातव्य है कि किसी ध्वनि के अनुकरण पर जो क्रिया बनती है। उसे अनुकरणात्मक क्रिया कहते हैं। जैसे – खट–खट → खटखटाना, झन-झन → झनझनाना, भन-भन → भनभनाना, सन-सन → सनसनाना, थप-थप → थपथपाना आदि।
C. ‘मैंने रमेश से पत्र लिखवाया।’ इस वाक्य में ‘लिखवाया’ प्रेरणार्थक क्रिया है। जिन क्रियाओं से इस बात का बोध हो कि कर्ता स्वयं कार्य न कर किसी दूसरे को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है, वे ‘प्रेरणार्थक क्रियाएँ’ कहलाती हैं। इसके अन्य उदाहरण - उठवाना, चलवाना, खिलवाना आदि हैं। जो क्रियाएँ संज्ञा या विशेषण से बनती हैं, नामधातु क्रियाएँ कहलाती हैं। जैसे- हाथ – हथियाना, बात – बतियाना, लात – लतियाना, गरम – गरमाना, शरम – शरमाना आदि। इसी तरह जो क्रिया दो या अधिक धातुओं के मेल से बनती है, उसे संयुक्त क्रिया कहते हैं। जैसे- बेच लेना, काम करना, बुला लेना, मार देना, लेट जाना, गिर पड़ना आदि। ध्यातव्य है कि किसी ध्वनि के अनुकरण पर जो क्रिया बनती है। उसे अनुकरणात्मक क्रिया कहते हैं। जैसे – खट–खट → खटखटाना, झन-झन → झनझनाना, भन-भन → भनभनाना, सन-सन → सनसनाना, थप-थप → थपथपाना आदि।

Explanations:

‘मैंने रमेश से पत्र लिखवाया।’ इस वाक्य में ‘लिखवाया’ प्रेरणार्थक क्रिया है। जिन क्रियाओं से इस बात का बोध हो कि कर्ता स्वयं कार्य न कर किसी दूसरे को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है, वे ‘प्रेरणार्थक क्रियाएँ’ कहलाती हैं। इसके अन्य उदाहरण - उठवाना, चलवाना, खिलवाना आदि हैं। जो क्रियाएँ संज्ञा या विशेषण से बनती हैं, नामधातु क्रियाएँ कहलाती हैं। जैसे- हाथ – हथियाना, बात – बतियाना, लात – लतियाना, गरम – गरमाना, शरम – शरमाना आदि। इसी तरह जो क्रिया दो या अधिक धातुओं के मेल से बनती है, उसे संयुक्त क्रिया कहते हैं। जैसे- बेच लेना, काम करना, बुला लेना, मार देना, लेट जाना, गिर पड़ना आदि। ध्यातव्य है कि किसी ध्वनि के अनुकरण पर जो क्रिया बनती है। उसे अनुकरणात्मक क्रिया कहते हैं। जैसे – खट–खट → खटखटाना, झन-झन → झनझनाना, भन-भन → भनभनाना, सन-सन → सनसनाना, थप-थप → थपथपाना आदि।