Correct Answer:
Option B - संविधान में ‘समाजवाद’ का तात्पर्य यह है कि लोकतंत्रात्मक साधनों से समाज के समाजवादी लक्ष्यों की प्राप्ति करना। यह शब्द संविधान के 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा प्रस्तावना में शामिल किया गया। प्रस्तावना में प्रयुक्त `आर्थिक न्याय' शब्दावली में समाजवाद की अवधारणा अंर्तिनहित है। ध्यातव्य है, कि 42वें संविधान संशोधन के द्वारा संविधान की प्रस्तावना में, ‘समाजवादी’ ‘धर्मनिरपेक्ष’ एवं ‘अखण्डता’ शब्द जोड़े गए।
B. संविधान में ‘समाजवाद’ का तात्पर्य यह है कि लोकतंत्रात्मक साधनों से समाज के समाजवादी लक्ष्यों की प्राप्ति करना। यह शब्द संविधान के 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा प्रस्तावना में शामिल किया गया। प्रस्तावना में प्रयुक्त `आर्थिक न्याय' शब्दावली में समाजवाद की अवधारणा अंर्तिनहित है। ध्यातव्य है, कि 42वें संविधान संशोधन के द्वारा संविधान की प्रस्तावना में, ‘समाजवादी’ ‘धर्मनिरपेक्ष’ एवं ‘अखण्डता’ शब्द जोड़े गए।