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Q: .
  • A. तत्पुरुष
  • B. द्वंद्व
  • C. अव्ययीभाव
  • D. कर्मधारय
Correct Answer: Option D - ‘नीलाम्बर’ शब्द में कर्मधारय समास है। कर्मधारय समास– इसमें समस्त पद समान रूप से प्रधान होता है इसके लिंग, वचन भी समान होते हैं। इस समास में पहला पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य होता है, विग्रह करने पर कोई नया शब्द नहीं बनता है - जैसे- चन्द्रमुख, चरणकमल आदि।
D. ‘नीलाम्बर’ शब्द में कर्मधारय समास है। कर्मधारय समास– इसमें समस्त पद समान रूप से प्रधान होता है इसके लिंग, वचन भी समान होते हैं। इस समास में पहला पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य होता है, विग्रह करने पर कोई नया शब्द नहीं बनता है - जैसे- चन्द्रमुख, चरणकमल आदि।

Explanations:

‘नीलाम्बर’ शब्द में कर्मधारय समास है। कर्मधारय समास– इसमें समस्त पद समान रूप से प्रधान होता है इसके लिंग, वचन भी समान होते हैं। इस समास में पहला पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य होता है, विग्रह करने पर कोई नया शब्द नहीं बनता है - जैसे- चन्द्रमुख, चरणकमल आदि।