Correct Answer:
Option C - अमीर खुसरो द्वारा रचित काव्य पंक्तियाँ हैं-
⦁ एक नार पिय को भानी। तन वाको सगरा ज्यों पानी।
⦁ एक नार ने अचरज किया। सांप मार पिंजरे में दिया।
⦁ चाम मांस वाके नहीं नेक। हाड़-हाड़ में वाके छेद।
⦁ अमीर खुसरो का वास्तविक नाम ‘अबुल हसन’ तथा इनके गुरु निजामुद्दीन औलिया थे।
⦁ विद्वानों ने अमीर खुसरो द्वारा रचित ग्रंन्थों की संख्या 100 बतायी है जिनमें महत्वपूर्ण हैं-(I) खालिक बारी (II) पहेलियाँ (III) मुकरियाँ (IV) दो सुखने (V) गजल आदि।
C. अमीर खुसरो द्वारा रचित काव्य पंक्तियाँ हैं-
⦁ एक नार पिय को भानी। तन वाको सगरा ज्यों पानी।
⦁ एक नार ने अचरज किया। सांप मार पिंजरे में दिया।
⦁ चाम मांस वाके नहीं नेक। हाड़-हाड़ में वाके छेद।
⦁ अमीर खुसरो का वास्तविक नाम ‘अबुल हसन’ तथा इनके गुरु निजामुद्दीन औलिया थे।
⦁ विद्वानों ने अमीर खुसरो द्वारा रचित ग्रंन्थों की संख्या 100 बतायी है जिनमें महत्वपूर्ण हैं-(I) खालिक बारी (II) पहेलियाँ (III) मुकरियाँ (IV) दो सुखने (V) गजल आदि।