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Q: .
  • A. 35º से अधिक तापमान
  • B. छायादार वृक्षों के नीचे रोपण
  • C. 150-300 cm के बीच वर्षा
  • D. गर्म और आर्द्र जलवायु
Correct Answer: Option A - चाय बागानों के लिए 35º C से अधिक तापमान हानिकारक है। चाय के लिए 24ºC - 30ºC तापमान व 150सेमी. – 250 सेमी. वार्षिक गर्म और आर्द्र जलवायु व आंशिक रूप से छायादार क्षेत्र वर्षा की आवश्यकता होती है। चाय चीनी मूल का पौधा है। भारत में इसका रोपण अंग्रेजों ने आरंभ किया। चाय का उत्पादन उष्ण एवं उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु, ह्यूमस युक्त लैटेराइट मिट्टी तथा पहाड़ी क्षेत्रों में किया जाता है। चाय के मुख्य उत्पादक क्षेत्रों में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु की नीलगिरि पहाड़ी व केरल प्रमुख हैं।
A. चाय बागानों के लिए 35º C से अधिक तापमान हानिकारक है। चाय के लिए 24ºC - 30ºC तापमान व 150सेमी. – 250 सेमी. वार्षिक गर्म और आर्द्र जलवायु व आंशिक रूप से छायादार क्षेत्र वर्षा की आवश्यकता होती है। चाय चीनी मूल का पौधा है। भारत में इसका रोपण अंग्रेजों ने आरंभ किया। चाय का उत्पादन उष्ण एवं उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु, ह्यूमस युक्त लैटेराइट मिट्टी तथा पहाड़ी क्षेत्रों में किया जाता है। चाय के मुख्य उत्पादक क्षेत्रों में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु की नीलगिरि पहाड़ी व केरल प्रमुख हैं।

Explanations:

चाय बागानों के लिए 35º C से अधिक तापमान हानिकारक है। चाय के लिए 24ºC - 30ºC तापमान व 150सेमी. – 250 सेमी. वार्षिक गर्म और आर्द्र जलवायु व आंशिक रूप से छायादार क्षेत्र वर्षा की आवश्यकता होती है। चाय चीनी मूल का पौधा है। भारत में इसका रोपण अंग्रेजों ने आरंभ किया। चाय का उत्पादन उष्ण एवं उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु, ह्यूमस युक्त लैटेराइट मिट्टी तथा पहाड़ी क्षेत्रों में किया जाता है। चाय के मुख्य उत्पादक क्षेत्रों में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु की नीलगिरि पहाड़ी व केरल प्रमुख हैं।