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Q: .
  • A. खिलाफत आंदोलन
  • B. स्वदेशी आंदोलन
  • C. सविनय अवज्ञा आंदोलन
  • D. असहयोग आंदोलन
Correct Answer: Option C - सविनय अवज्ञा आन्दोलन महात्मा गाँधी के नेतृत्व में 78 अनुयाइयों के साथ साबरमती से दाण्डी तक 12 मार्च से 6 अप्रैल 1930 तक नमक कानून को तोड़ने के साथ प्रारम्भ हुआ। इस आन्दोलन में पहली बार महिलाओं ने राष्ट्रीय आन्दोलन में बड़े पैमाने पर भागीदारी की। इसी आन्दोलन के समय सरोजनी नायडू ने बम्बई के निकट धरासना नामक स्थल पर आंदोलन का नेतृत्व किया। सविनय अवज्ञा आन्दोलन के दौरान पत्रकार वेब मिलर (अमेरिकी) ने पत्रकारिता के माध्यम से घटनाओं का अन्तर्राष्ट्रीयकरण कर भारत के पक्ष में सहानुभूति जुटाने में मदद की।
C. सविनय अवज्ञा आन्दोलन महात्मा गाँधी के नेतृत्व में 78 अनुयाइयों के साथ साबरमती से दाण्डी तक 12 मार्च से 6 अप्रैल 1930 तक नमक कानून को तोड़ने के साथ प्रारम्भ हुआ। इस आन्दोलन में पहली बार महिलाओं ने राष्ट्रीय आन्दोलन में बड़े पैमाने पर भागीदारी की। इसी आन्दोलन के समय सरोजनी नायडू ने बम्बई के निकट धरासना नामक स्थल पर आंदोलन का नेतृत्व किया। सविनय अवज्ञा आन्दोलन के दौरान पत्रकार वेब मिलर (अमेरिकी) ने पत्रकारिता के माध्यम से घटनाओं का अन्तर्राष्ट्रीयकरण कर भारत के पक्ष में सहानुभूति जुटाने में मदद की।

Explanations:

सविनय अवज्ञा आन्दोलन महात्मा गाँधी के नेतृत्व में 78 अनुयाइयों के साथ साबरमती से दाण्डी तक 12 मार्च से 6 अप्रैल 1930 तक नमक कानून को तोड़ने के साथ प्रारम्भ हुआ। इस आन्दोलन में पहली बार महिलाओं ने राष्ट्रीय आन्दोलन में बड़े पैमाने पर भागीदारी की। इसी आन्दोलन के समय सरोजनी नायडू ने बम्बई के निकट धरासना नामक स्थल पर आंदोलन का नेतृत्व किया। सविनय अवज्ञा आन्दोलन के दौरान पत्रकार वेब मिलर (अमेरिकी) ने पत्रकारिता के माध्यम से घटनाओं का अन्तर्राष्ट्रीयकरण कर भारत के पक्ष में सहानुभूति जुटाने में मदद की।