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  • A. असयोग आन्दोलन का प्रारम्भ
  • B. चौरी-चौरा की घटना
  • C. जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड
  • D. साइमन कमीशन का आगमन
Correct Answer: Option B - व्याख्या–1922 ई. में चौरी-चौरा की घटना घटित हुई थी। 4 फरवरी 1922 ई. को संयुक्त प्रान्त के गोरखपुर जिले में चौरी-चौरा नामक स्थान पर किसानों के एक जुलुस पर गोली चलाए जाने के कारण क्रुद्ध भीड़ ने थाने में आग लगा दी, जिसमें एक थानेदार सहित 23 सिपाहियों की मृत्यु हो गई चौरी-चौरा घटना के समय भारत का वायसराय लार्ड रीडिंग (1921-26) था। अन्य आन्दोलन निम्नलिखित है- असहयोग आन्दोलन - 1920-22 जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड - 1919 चौरी-चौरा घटना - 1922 साइमन कमीशन का आगमन - 1928
B. व्याख्या–1922 ई. में चौरी-चौरा की घटना घटित हुई थी। 4 फरवरी 1922 ई. को संयुक्त प्रान्त के गोरखपुर जिले में चौरी-चौरा नामक स्थान पर किसानों के एक जुलुस पर गोली चलाए जाने के कारण क्रुद्ध भीड़ ने थाने में आग लगा दी, जिसमें एक थानेदार सहित 23 सिपाहियों की मृत्यु हो गई चौरी-चौरा घटना के समय भारत का वायसराय लार्ड रीडिंग (1921-26) था। अन्य आन्दोलन निम्नलिखित है- असहयोग आन्दोलन - 1920-22 जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड - 1919 चौरी-चौरा घटना - 1922 साइमन कमीशन का आगमन - 1928

Explanations:

व्याख्या–1922 ई. में चौरी-चौरा की घटना घटित हुई थी। 4 फरवरी 1922 ई. को संयुक्त प्रान्त के गोरखपुर जिले में चौरी-चौरा नामक स्थान पर किसानों के एक जुलुस पर गोली चलाए जाने के कारण क्रुद्ध भीड़ ने थाने में आग लगा दी, जिसमें एक थानेदार सहित 23 सिपाहियों की मृत्यु हो गई चौरी-चौरा घटना के समय भारत का वायसराय लार्ड रीडिंग (1921-26) था। अन्य आन्दोलन निम्नलिखित है- असहयोग आन्दोलन - 1920-22 जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड - 1919 चौरी-चौरा घटना - 1922 साइमन कमीशन का आगमन - 1928