Correct Answer:
Option A - भारतीय संविधान का 23वां अनुच्छेद मानव दुर्व्यापार और बलात् श्रम पर प्रतिषेध लगाता है। यह अनुच्छेद भारत के नागरिकों को प्रदत्त मूल अधिकारों में से एक है।
अनुच्छेद-24-कारखानों आदि में 14 वर्ष तक बालकों के नियोजन पर प्रतिषेध।
अनुच्छेद-26-धार्मिक कार्यों के प्रबन्ध की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद-32- संवैधानिक उपचारों का अधिकार।
A. भारतीय संविधान का 23वां अनुच्छेद मानव दुर्व्यापार और बलात् श्रम पर प्रतिषेध लगाता है। यह अनुच्छेद भारत के नागरिकों को प्रदत्त मूल अधिकारों में से एक है।
अनुच्छेद-24-कारखानों आदि में 14 वर्ष तक बालकों के नियोजन पर प्रतिषेध।
अनुच्छेद-26-धार्मिक कार्यों के प्रबन्ध की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद-32- संवैधानिक उपचारों का अधिकार।