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Q: .
  • A. शृंगेरी
  • B. पंढरपुर
  • C. मदुरै
  • D. नादिया
Correct Answer: Option D - चैतन्य, जिन्हें श्री गौरांग महाप्रभु के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म सन् 1486 में पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में हुआ था। वह एक लोकप्रिय वैष्णव संत और समाज सुधारक थे। चैतन्य वैष्णव धर्म के कृष्णमार्गी शाखा के महान प्रवर्तक थे। वह कृष्ण भक्ति के समर्थक थे।
D. चैतन्य, जिन्हें श्री गौरांग महाप्रभु के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म सन् 1486 में पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में हुआ था। वह एक लोकप्रिय वैष्णव संत और समाज सुधारक थे। चैतन्य वैष्णव धर्म के कृष्णमार्गी शाखा के महान प्रवर्तक थे। वह कृष्ण भक्ति के समर्थक थे।

Explanations:

चैतन्य, जिन्हें श्री गौरांग महाप्रभु के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म सन् 1486 में पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में हुआ था। वह एक लोकप्रिय वैष्णव संत और समाज सुधारक थे। चैतन्य वैष्णव धर्म के कृष्णमार्गी शाखा के महान प्रवर्तक थे। वह कृष्ण भक्ति के समर्थक थे।