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Q: .
  • A. आवृत्तिमूलक
  • B. सातत्यपरक
  • C. स्थित्यात्मक
  • D. पूर्ण पक्ष
Correct Answer: Option A - ‘वह भोजन बनाता है।’ वाक्य में क्रिया का आवृत्ति मूलक पक्ष है। इस पक्ष में क्रिया सदैव बनी रहती है। सातत्यपरक पक्ष- इस पक्ष में क्रिया के वर्तमान में चालू रहने का बोध होता है। जैसे- अंजली लिख रही है। पूर्ण पक्ष - इस पक्ष में क्रिया के पूरी तरह समाप्त होने का बोध होता है। जैसे- मोहन दौड़ चुका है। स्थित्यात्मक- इस पक्ष में‘ क्रिया-रूप’ से व्यक्त न होकर सम्पूर्ण वाक्य गठन से व्यक्त होता है। इस प्रकार के वाक्य में अस्तित्व या स्थिति का बोध होता है। जैसे- वह पेड़ है।
A. ‘वह भोजन बनाता है।’ वाक्य में क्रिया का आवृत्ति मूलक पक्ष है। इस पक्ष में क्रिया सदैव बनी रहती है। सातत्यपरक पक्ष- इस पक्ष में क्रिया के वर्तमान में चालू रहने का बोध होता है। जैसे- अंजली लिख रही है। पूर्ण पक्ष - इस पक्ष में क्रिया के पूरी तरह समाप्त होने का बोध होता है। जैसे- मोहन दौड़ चुका है। स्थित्यात्मक- इस पक्ष में‘ क्रिया-रूप’ से व्यक्त न होकर सम्पूर्ण वाक्य गठन से व्यक्त होता है। इस प्रकार के वाक्य में अस्तित्व या स्थिति का बोध होता है। जैसे- वह पेड़ है।

Explanations:

‘वह भोजन बनाता है।’ वाक्य में क्रिया का आवृत्ति मूलक पक्ष है। इस पक्ष में क्रिया सदैव बनी रहती है। सातत्यपरक पक्ष- इस पक्ष में क्रिया के वर्तमान में चालू रहने का बोध होता है। जैसे- अंजली लिख रही है। पूर्ण पक्ष - इस पक्ष में क्रिया के पूरी तरह समाप्त होने का बोध होता है। जैसे- मोहन दौड़ चुका है। स्थित्यात्मक- इस पक्ष में‘ क्रिया-रूप’ से व्यक्त न होकर सम्पूर्ण वाक्य गठन से व्यक्त होता है। इस प्रकार के वाक्य में अस्तित्व या स्थिति का बोध होता है। जैसे- वह पेड़ है।