Correct Answer:
Option B - ‘स्वरूप और कार्यपद्धति’ गणितीय शिक्षण के मूल्यांकन का आयाम नहीं है। ‘अवधारणाएँ’ और कार्यपद्धति’ गणितीय शिक्षण के आकलन/मूल्यांकन के आयाम हैं। यद्यपि गणितीय अवधारणाएँं और प्रक्रियाओं की प्रकृति और विकासात्मक प्रवृत्तियों के बारे में शोध से बहुत कुछ जाना जाता है। प्रारंभिक स्तर पर, सभी गणितीय अवधारणाएँ और कार्य पद्धतियाँ दस व्यापक क्षेत्रों में शामिल हो सकती हैं-
• संख्या (वास्तविक संख्या प्रणाली)
• संख्या संचालन (चार प्रकियाएँ)
• भिन्न (दशमलव सहित)
• स्थानिक सोच
• मापन (मानक और गैर-मानक दोनों उपाय)
• समस्या समाधान
• स्वरूप
• डेटा संधारण
• बुनियादी बीजगणितीय प्रक्रियाएँ (केवल उच्च प्राथमिक चरण)
• सरल समीकरण (केवल उच्च प्राथमिक चरण में)
B. ‘स्वरूप और कार्यपद्धति’ गणितीय शिक्षण के मूल्यांकन का आयाम नहीं है। ‘अवधारणाएँ’ और कार्यपद्धति’ गणितीय शिक्षण के आकलन/मूल्यांकन के आयाम हैं। यद्यपि गणितीय अवधारणाएँं और प्रक्रियाओं की प्रकृति और विकासात्मक प्रवृत्तियों के बारे में शोध से बहुत कुछ जाना जाता है। प्रारंभिक स्तर पर, सभी गणितीय अवधारणाएँ और कार्य पद्धतियाँ दस व्यापक क्षेत्रों में शामिल हो सकती हैं-
• संख्या (वास्तविक संख्या प्रणाली)
• संख्या संचालन (चार प्रकियाएँ)
• भिन्न (दशमलव सहित)
• स्थानिक सोच
• मापन (मानक और गैर-मानक दोनों उपाय)
• समस्या समाधान
• स्वरूप
• डेटा संधारण
• बुनियादी बीजगणितीय प्रक्रियाएँ (केवल उच्च प्राथमिक चरण)
• सरल समीकरण (केवल उच्च प्राथमिक चरण में)